Чаҳ ҳолатаст ки аз ҳоли ман наме пурсӣ ?

چه حالتست که از حال من نمی‌پرسی؟

Сухан чаҳ рафт ки аз ман сухан наме пурсӣ ?

سخن چه رفت که از من سخن نمی‌پرسی؟

Сурӯди мости баҳри маҷлисӣ , наме шинавӣ

سرود ماست بهر مجلسی، نمی‌شنوی

Ҳадиси мости баҳри анҷуман , наме пурсӣ

حدیث ماست بهر انجمن، نمی‌پرسی

Хаёли он қаду рухсор май пазӣ , ҳайҳот

خیال آن قد و رخسار می‌پزی، هیهات

Ки аз шамоили сарву саман наме пурсӣ

که از شمایل سرو و سمن نمی‌پرسی

зи кунҷи ғам ба таманно намеравад шоҳӣ

ز کنج غم به تمنا نمی‌رود شاهی

Ту булбули қафасӣ аз чаман наме пурсӣ

تو بلبل قفسی از چمن نمی‌پرسی