Ҳолеаст маро бо майу мисатон ки чаҳ гӯям
حالی است مرا با می و مستان که چه گویم
Розӣаст миёни ману риндон ки чаҳ гӯям
رازیست میان من و رندان که چه گویم
Бзмисти мулӯконау соқӣ ки чаҳ пурсӣ
بزمیست ملوکانه و ساقی که چه پرسی
Ман ошиқи сармасти ҳарифон ки чаҳ гӯям
من عاشق سرمست حریفان که چه گویم
Чун булбули сўдоздаҳ дар маҷлиси ошиқ
چون بلبل سودازده در مجلس عاشق
Овардаам ин сӯрати бустон ки чаҳ гӯям
آورده ام این صورت بستان که چه گویم
Ҳар нақши хаёлӣ ки маро дар назар ояд
هر نقش خیالی که مرا در نظر آید
Гӯям ки бгўӣид ба ҷонон ки чаҳ гӯям
گویم که بگوئید به جانان که چه گویم
Аз рӯзи азали ошиқи мастам чаҳ тавон кард
از روز ازل عاشق مستم چه توان کرد
Бошам абадан маст бидон сон ки чаҳ гӯям
باشم ابدا مست بدان سان که چه گویم
Худ хуштар азин қавл ки гуфтам натавон гуфт
خود خوشتر ازین قول که گفتم نتوان گفت
Зўқист дар ин гФтли мисатон ки чаҳ гӯям
ذوقیست در این گفتل مستان که چه گویم
Ганҷ ар талабии кунҷи дили Сайиди мо ҷӯ
گنج ار طلبی کنج دل سید ما جو
Нақдӣаст дарин гӯшаи вайрон ки чаҳ гӯям
نقدیست درین گوشهٔ ویران که چه گویم