Назарӣ мекунаму ваҷҳи худо май байнам

نظری می‌کنم و وجه خدا می‌بینم

Рӯй он дилбар бе рӯйу риё май байнам

روی آن دلبر بی‌روی و ریا می‌بینم

Бар ҷамолаши ҳамагии сӯрат ҷон ме нагарм

بر جمالش همگی صورت جان می‌نگرم

Вази камолаши ҳамаи тани лутфу вафо май байнам

وز کمالش همه تن لطف و وفا می‌بینم

На ба худ менагарм сунъи худо то доне

نه به خود می‌نگرم صنع خدا تا دانی

Балки ман сунъи худоро ба худо май байнам

بلکه من صنع خدا را به خدا می‌بینم

Тарки он қомат ва болоаш нагӯям ба бало

ترک آن قامت و بالاش نگویم به بلا

Гарчи аз қомату болоаши бало май байнам

گرچه از قامت و بالاش بلا می‌بینم

Мардуми дидаи мо ғарқа ба хӯни назаранд

مردم دیدهٔ ما غرقه به خون نظرند

Ҳар тараф менагарм чашмаи ло май байнам

هر طرف می‌نگرم چشمهٔ لا می‌بینم

Сӯфии савмиъаи хилвати маънӣ шуда ам

صوفی صومعهٔ خلوت معنی شده‌ام

Лоҷарами сӯрат май софу сафо май байнам

لاجرم صورت می صاف و صفا می‌بینم

Ҷони Сайид шудаи ойӣнаи ҷонон ба яқин

جان سید شده آیینهٔ جانان به یقین

Ишқ донад зи куҷо то ба куҷо май байнам

عشق داند ز کجا تا به کجا می‌بینم