Оё дигар чаҳ муддао дошт
آیا دیگر چه مدعا داشت
Бегонаи нигоҳ ошно дошт
بیگانه نگاه آشنا داشت
Хиҷлат накашид мушти хокам
خجلت نکشید مشت خاکم
Сомони зиёфат сабо дошт
سامان ضیافت صبا داشت
Бардошти зи хоки эътиборам
برداشت ز خاک اعتبارم
Тири ту магари пар ҳумо дошт
تیر تو مگر پر هما داشت
Нагушӯд лаби шикояти мо
نگشود لب شکایت ما
Ганҷурии ҳотам ҳаё дошт
گنجوری حاتم حیا داشت
Ҳирсам ба намак чшӣ фиристод
حرصم به نمک چشی فرستاد
Ҷое ки қаноат амтло дошт
جایی که قناعت امتلا داشت
Бе ишқи ту софи зиндагонӣ
بی عشق تو صاف زندگانی
Хосияти об ношто дошт
خاصیت آب ناشتا داشت
Ҳаргиз нишкаст киштии мо
هرگز نشکست کشتی ما
Лангар аз сабр нохудо дошт
لنگر از صبر ناخدا داشت
Хуши гирд срксӣ нагаштем
خوش گرد سرکسی نگشتیم
Ҳқо ки ҳазор марҳабо дошт
حقا که هزار مرحبا داشت
Шуд накҳати гули кафи ғуборам
شد نکهت گل کف غبارم
Шавқи ту ба ман чаҳ корҳо дошт
شوق تو به من چه کارها داشت
Пероҳани сабр асир зад чок
پیراهن صبر اسیر زد چاک
Девонагии интизор мо дошт
دیوانگی انتظار ما داشت