Ривоҷи сохтагиҳои рӯзгор надошт
رواج ساختگی های روزگار نداشت
Зари шикастаи дил беш аз ин айёр надошт
زر شکسته دل بیش از این عیار نداشت
Ғубори сӯхтаи мо ба лола зор гурехт
غبار سوخته ما به لاله زار گریخت
Таҳаммули нафаси сард рӯзгор надошт
تحمل نفس سرد روزگار نداشت
Вуҷӯди арз сипаҳ дид дар масофи адам
وجود عرض سپه دید در مصاف عدم
Ба сргзштгии шавқи як савор надошт
به سرگذشتگی شوق یک سوار نداشت
Дар он замонаи мадору маошам аз дил буд
در آن زمانه مدار و معاشم از دل بود
Ки рӯзгори маошу фалак мадор надошт
که روزگار معاش و فلک مدار نداشت
Гудози сохтагиҳои рӯзгорами сӯхт
گداز ساختگی های روزگارم سوخت
з рӯй гарму хунаки ҷилва шарор надошт
ز روی گرم و خنک جلوه شرار نداشت
Дилам ба малики вуҷӯди обрӯии машраби рехт
دلم به ملک وجود آبروی مشرب ریخت
Як ошнои мувофиқ дар ин диёр надошт
یک آشنای موافق در این دیار نداشت
Гул ҳамеша баҳор аст омад иқбол
گل همیشه بهار است آمد اقبال
зи саднигор яке ҳасан рӯзгор надошт
ز صد نگار یکی حسن روزگار نداشت
Хазони сохтагии пурчаман фурӯшӣ кард
خزان ساختگی پرچمن فروشی کرد
Ба дилхарошии меҳри фусурда хор надошт
به دلخراشی مهر فسرده خار نداشت
Замонаи дафтари айёмро агар ме дид
زمانه دفتر ایام را اگر می دید
Гирифтаи гӯшатар аз фард ифтихор надошт
گرفته گوشه تر از فرد افتخار نداشت
Баҳори хона ба дӯшӣ чаҳ хандаҳо ки накард
بهار خانه به دوشی چه خنده ها که نکرد
Ба шӯхи чашмии маҷнӯни гулӣ ба бор надошт
به شوخ چشمی مجنون گلی به بار نداشت
Харобӣ аз гули Садбарг боҷ ме гирад
خرابی از گل صدبرگ باج می گیرد
Ҳавои гӯшаи вайронаро баҳор надошт
هوای گوشه ویرانه را بهار نداشت
Ба сабри бикси матлаби шикори ханда чаро
به صبر بیکس مطلب شکار خنده چرا
Касе чу шукри худованд кирдигор надошт
کسی چو شکر خداوند کردگار نداشت
Мапурс боиси коми дил асир мапурс
مپرس باعث کام دل اسیر مپرس
Надошт рӯй таваққуъ накарда кор надошт
نداشت روی توقع نکرده کار نداشت