Гашта то сайёди мо мижгони шӯх
گشته تا صیاد ما مژگان شوخ
Карда сайди муддаои мижгони шӯх
کرده صید مدعا مژگان شوخ
Бар намеояд фалак бо теғи ноз
بر نمی آید فلک با تیغ ناز
Дорад иқболи расои мижгони шӯх
دارد اقبال رسا مژگان شوخ
Дил ибодат мекунад чашми маро
دل عبادت می کند چشم مرا
Дидаам номи худои мижгони шӯх
دیده ام نام خدا مژگان شوخ
Аз нигоҳи ошнои баргашта ҳои
از نگاه آشنا برگشته های
То ба сар дорад чҳо мижгони шӯх
تا به سر دارد چها مژگان شوخ
намечакад бар шаш ҷиҳати хӯни дилам
می چکد بر شش جهت خون دلم
Дида бошад то куҷои мижгони шӯх
دیده باشد تا کجا مژگان شوخ
Дорадам саргаштаи бедоди асир
داردم سرگشته بیداد اسیر
Оҳ аз он сар дар ҳавои мижгони шӯх
آه از آن سر در هوا مژگان شوخ