Гар аз ту бишинавем ҷавоби саломи хеш
گر از تو بشنویم جواب سلام خویش
Болой офтоб нависем номи хеш
بالای آفتاب نویسیم نام خویش
Як раҳи назар ба ҳоли дил мо наме кунӣ
یک ره نظر به حال دل ما نمی کنی
Афтодааст мурғи нигоҳат ба доми хеш
افتاده است مرغ نگاهت به دام خویش
То чанд чун сабои зи худ афсурдагии кашам
تا چند چون صبا ز خود افسردگی کشم
Ҷӯшӣ чу ғунча май занами охир ба коми хеш
جوشی چو غنچه می زنم آخر به کام خویش
Умрии гузашту қурб нигоҳӣ наёфтам
عمری گذشت و قرب نگاهی نیافتم
Он толеъам куҷост ки хуонеи ғуломи хеш
آن طالعم کجاست که خوانی غلام خویش
Хоҳам асири ӣнқадар аз бахти ҳамраҳе
خواهم اسیر اینقدر از بخت همرهی
Каз ҳамзабони ёри кашами интиқоми хеш
کز همزبان یار کشم انتقام خویش