Бирав эй тарк ки тарки ту ситамгар кардам
برو ای تُرک که تَرک تو ستمگر کردم
Ҳайф аз он умр ки дар пои ту ман сркрдм
حیف از آن عمر که در پای تو من سرکردم
Аҳду паймони ту бо моу вафо бо дгарон
عهد و پیمان تو با ما و وفا با دگران
Содаи дили ман ки қисмҳои ту бовар кардам
سادهدل من که قسم های تو باور کردم
Ба худои кофар агар буд ба раҳми омада буд
به خدا کافر اگر بود به رحم آمده بود
Зони ҳамаи нола ки ман пеши ту кофар кардам
زآن همه ناله که من پیش تو کافر کردم
Ту шудӣ ҳамсари ағёр ва ман аз ёру диёр
تو شدی همسر اغیار و من از یار و دیار
Гаштами оворау тарки сар ва ҳамсар кардам
گشتم آواره و ترک سر و همسر کردم
Зери сар болаш дебост туро кӣ доне
زیر سر بالش دیباست تو را کی دانی
Ки ман аз хору хаси бодия бистар кардам
که من از خار و خس بادیه بستر کردم
Дару девор ба ҳоли дили ман зор гирист
در و دیوار به حال دل من زار گریست
Ҳар куҷои нолаи нокомии худ сар кардам
هر کجا نالهٔ ناکامی خود سر کردم
Дар ғамати доғ падар дидам ва чун дар ятем
در غمت داغ پدر دیدم و چون دُر یتیم
Ашки резони ҳаваси доман модар кардам
اشکریزان هوس دامن مادر کردم
Ашк аз овезаи гӯши ту ҳикоят ме кард
اشک از آویزهٔ گوش تو حکایت میکرد
Панд аз ин гӯши пазируфтам аз он дар кардам
پند از این گوش پذیرفتم از آن در کردم
Баъд аз ин гӯш фалак нашунӯд афғон касе
بعد از این گوش فلک نشنود افغان کسی
Ки ман ин гӯши зи фарёду фиғон кар кардам
که من این گوش ز فریاد و فغان کر کردم
эй басои шаб ба умедӣ ки зании ҳалқа ба дар
ای بسا شب به امیدی که زنی حلقه به در
Чашмро ҳалқаи сифати дӯхта бар дар кардам
چشم را حلقهصفت دوخته بر در کردم
Ҷой май хӯни ҷигари рехт ба комами соқӣ
جای می خون جگر ریخت به کامم ساقی
Гар ҳавои тарабу соқӣ ва соғар кардам
گر هوای طرب و ساقی و ساغر کردم
Шаҳрёро ба ҷафо кард чу хоками помол
شهریارا به جفا کرد چو خاکم پامال
Он ки ман хоки раҳашро ба сар афсар кардам
آن که من خاک رهش را به سر افسر کردم