Нафасии доштаму нола ва шеван кардам

نفسی داشتم و ناله و شیون کردم

Бе ту бо марги аҷаби кашмакашӣ ман кардам

بی تو با مرگ عجب کشمکشی من کردم

Гарчи бгдохтӣ аз оташи ҳасрати дили ман

گرچه بگداختی از آتش حسرت دل من

Лек ман ҳам ба сабурии дил аз оҳан кардам

لیک من هم به صبوری دل از آهن کردم

Лола дар доман кӯҳ омад ва ман бе рухи дӯст

لاله در دامن کوه آمد و من بی رخ دوست

Ашк чун лолаи сероб ба доман кардам

اشک چون لاله سیراب به دامن کردم

Дар рух ман макун эй ғунчаи зи лабханди дареғ

در رخ من مکن ای غنچه ز لبخند دریغ

Ки ман аз ашки турои шоҳид гулшан кардам

که من از اشک ترا شاهد گلشن کردم

Чанд бар боди диҳии ҳосилами охири умрӣ

چند بر باد دهی حاصلم آخر عمری

Хӯшаҳои хами гесуии ту хирман кардам

خوشه‌های خم گیسوی تو خرمن کردم

Шабнам аз гӯнаи гулбарги нигун буд ки ман

شبنم از گونه گلبرگ نگون بود که من

Гилаи зулфи ту бо сунбул ва сӯсан кардам

گله زلف تو با سنبل و سوسن کردم

Зулфу мижгони туро мондаи руфӯии дили риш

زلف و مژگان تو را مانده رفوی دل ریش

Пора шуд риштаи сабрӣ ки ба сӯзан кардам

پاره شد رشتهٔ صبری که به سوزن کردم

Дӯд оҳам шуд ашки ғамам эй чашму чароғ

دود آهم شد اشک غمم ای چشم و چراغ

Шамъи ишқӣ ки ба умеди ту равшан кардам

شمع عشقی که به امید تو روشن کردم

На рухи моҳи Манижа , на каманди рустам

نه رخ ماه منیژه، نه کمند رستم

Оҳ аз он нола ки ман дар чаҳ бежан кардам

آه از آن ناله که من در چَهِ بیژن کردم

Дигарам душмани ҷон буд ва наме донистам

دگرم دشمن جان بود و نمی‌دانستم

Ман ғофили гилаи дӯст ба душман кардам

منِ غافل گلهٔ دوست به دشمن کردم

То чу маҳтоб ба зиндон ғамам бинавозӣ

تا چو مهتاب به زندان غمم بنوازی

Тани ҳамаи чашм ба ҳам чашмӣ равзан кардам

تن همه چشم به هم چشمی روزن کردم

Ошёнам ба сари конгресс афлок аст

آشیانم به سر کنگره افلاک است

Гарчи дар ғамкадаи хок нишеман кардам

گرچه در غمکده خاک نشیمن کردم

Шаҳрёрои магарам ҷуръа фишонд лаби ҷом

شهریارا مگرم جرعه فشاند لب جام

Солҳо бар дар ин майкада маскан кардам

سال ها بر در این میکده مسکن کردم

Хониш
ғзл шморҳ 78 - лолҳ сӣроб — прӣ соткнӣ ъндлӣб