Ба ҳар дарду ғамии дил мубтало шуд

به هر درد و غمی دل مبتلا شد

Чаро якбораи ёр аз мо ҷудо шуд

چرا یکباره یار از ما جدا شد

Дар ҷавоб ӯ

در جواب او

Ба гипоу кдки дил мубтало шуд

به گیپا و کدک دل مبتلا شد

Чаро нони тнк аз мо ҷудо шуд

چرا نان تنک از ما جدا شد

Дилами бегона аз нон ва пиёзаст

دلم بیگانه از نان و پیازست

Чу бо саҳни мзъФр ошно шуд

چو با صحن مزعفر آشنا شد

Бигӯ эй рӯҳ дар гӯши дили ман

بگو ای روح در گوش دل من

Ки лаҳми барраи андар мосўо шуд

که لحم بره اندر ماسوا شد

Магари қанди ин замон ноёфт гашта

مگر قند این زمان نایافت گشته

Ки дар чашми мзъФр тўтё шуд

که در چشم مزعفر توتیا شد

Ба қадари қомати зноҷи ин дам

به قدر قامت زناج این دم

Дилам ху кард , ёрони ин бало шуд

دلم خو کرد، یاران این بلا شد

Ман бечораро бар боди брдод

من بیچاره را بر باد برداد

Чу буии қалияи ҳамроҳ сабо шуд

چو بوی قلیه همراه صبا شد

Шлоин гашта бар ҳлўогронбор

شلاین گشته بر حلواگرانبار

Дили сӯфӣ чу маст злбё шуд

دل صوفی چو مست زلبیا شد