Кард бо чашми ту худро чу баробари наргис

کرد با چشم تو خود را چو برابر نرگس

Гул бихандед азин воқеаи хуш бар наргис

گل بخندید ازین واقعه خوش بر نرگس

Инфеъолӣ ки зчшмон ту дорад дар боғ

انفعالی که زچشمان تو دارد در باغ

Натавонад ки бар орад ба чамани срнргс

نتواند که بر آرد به چمن سرنرگس

То нисори қадам ёр кунад дар гулзор

تا نثار قدم یار کند در گلزار

Истодаст бибин коғази пари зари наргис

ایستادست ببین کاغذ پر زر نرگس

Карда кажи гардан ва дар лаъл лабаш ме нигарад

کرده کژ گردن و در لعل لبش می نگرد

Маст махмур кунад майл ба соғари наргис

مست مخمور کند میل به ساغر نرگس

Нав арӯсӣаст ки дар саҳни чаман омада аст

نو عروسی است که در صحن چمن آمده است

намекунад майл аз он бо зару зевари наргис

می کند میل از آن با زر و زیور نرگس

Сабзи пӯшида ва дар айни тавваҷуҳи шабу рӯз

سبز پوشیده و در عین توجه شب و روز

Хизри глҳост ба он мӯии мънбри наргис

خضر گلهاست به آن موی معنبر نرگس

Тани урёну срондози ҳаме доне чист

تن عریان و سرانداز همی دانی چیست

Ба таманноӣ ту гаштааст қаландари наргис

به تمنای تو گشته است قلندر نرگس

Бас ки дар рӯй гул аз чашми ту шарманда буд

بس که در روی گل از چشم تو شرمنده بود

намеравад сӯии чаман бар сари чодари наргис

می رود سوی چمن بر سر چادر نرگس

Хоҳад имрӯз чу сӯсан ки забон бигушоед

خواهد امروز چو سوسن که زبان بگشاید

То дуоӣ ту кунад бар сари минбари наргис

تا دعای تو کند بر سر منبر نرگس

Чун дар ое ба чамани сари бунаад бар қидмат

چون در آیی به چمن سر بنهد بر قدمت

Карда шаб бо гули сероби муқарари наргис

کرده شب با گل سیراب مقرر نرگس

Дар хуморами ман савдо зада аз чашмонаш

در خمارم من سودا زده از چشمانش

Борҳо гуфта ба гулзори мукаррари наргис

بارها گفته به گلزار مکرر نرگس

Чашми ҷодӯии ту ногуҳ чу назар кард ба хок

چشم جادوی تو ناگه چو نظر کرد به خاک

Аз дили хоки ҳамон лаҳза шуд ахзари наргис

از دل خاک همان لحظه شد اخضر نرگس

Дода ришват ба сабо дар ҳаваси хок дараш

داده رشوت به صبا در هوس خاک درش

Хӯрдҳои зари худ , карда дарин сари наргис

خوردهای زر خود، کرده درین سر نرگس

Сар ба зону наад аз завқи ду чашми сияҳаш

سر به زانو نهد از ذوق دو چشم سیهش

Чун ман дил шуда , дар фурқати дилбари наргис

چون من دل شده، در فرقت دلبر نرگس

Чашм бигушоӣ ки бемор шуд аз фурқати ту

چشم بگشای که بیمار شد از فرقت تو

То замонӣ шавад аз дарди ту хуштар наргис

تا زمانی شود از درد تو خوشتر نرگس

Гӯи мгўӣид ки сарвӣ чу қадаш ҳаст ба боғ

گو مگوئید که سروی چو قدش هست به باغ

Сухан каж накунад рост чу бовари наргис

سخن کژ نکند راست چو باور نرگس

Ту забоноварӣ эй сӯсан ва ӯ соҳиби ҳасан

تو زبان آوری ای سوسن و او صاحب حسن

Хештанро накунад бо ту баробари наргис

خویشتن را نکند با تو برابر نرگس

Сарв аз сояи қади ту ба олами равед

سرو از سایه قد تو به عالم روید

Гашта аз акси ду чашми ту мусаввири наргис

گشته از عکس دو چشم تو مصور نرگس

Нашунӯд то ки гул аз перҳанаш , лоф занад

نشنود تا که گل از پیرهنش، لاف زند

Зон муошир нашавад бо гули аҳмари наргис

زآن معاشر نشود با گل احمر نرگس

Ба ҳаводории чашми сияҳаши рӯзи ҷазо

به هواداری چشم سیهش روز جزا

Сари براردи зи дили хок ба маҳшари наргис

سر برآرد ز دل خاک به محشر نرگس

Гар бадии болу париш дар ҳаваси чашмонат

گر بدی بال و پرش در هوس چشمانت

Бар сари кӯии ту гаштӣ чу кабӯтари наргис

بر سر کوی تو گشتی چو کبوتر نرگس

Ба чамани масти даройӣ ба дар ояд зи хумор

به چمن مست درآیی به در آید ز خمار

Гар нигоҳии бикунади чашми ту андари наргис

گر نگاهی بکند چشم تو اندر نرگس

Ҳаст маддоҳи ду чашми сияҳат дар гулзор

هست مداح دو چشم سیهت در گلزار

Зон даҳонаст дар офоқи пар аз зари наргис

زآن دهان است در آفاق پر از زر نرگس

То набинад рухи зебои турои номаҳрам

تا نبیند رخ زیبای ترا نامحرم

Бар кашидаст азин воқеаи ханҷари наргис

بر کشیدست ازین واقعه خنجر نرگس

Саргаронасту сабк аз лаб ӯ ҷӯяд май

سرگران است و سبک از لب او جوید می

Ваа бибинад ки чҳо дошта дар сари наргис

وه ببیند که چها داشته در سر نرگس

То қиёмат буд ӯ шоҳи раёҳини ҷаҳон

تا قیامت بود او شاه ریاحین جهان

Маст ояд ба чамани пои ту бар сари наргис

مست آید به چمن پای تو بر سر نرگس

Дида дар мусҳафи гули васфи туро зон соъат

دیده در مصحف گل وصف ترا زان ساعت

Ояти ҳасан туро мекунад аз бар наргис

آیت حسن ترا می کند از بر نرگس

эй дил аз ҳасрати он ғамзаи мастона ӯ

ای دل از حسرت آن غمزه مستانه او

Сӯии гулзори рӯу зори нигар дар наргис

سوی گلزار رو و زار نگر در نرگس

Шаб чу ое ба чаман дар раҳи ту баҳри зё

شب چو آیی به چمن در ره تو بهر ضیا

Машъали гул буду шамъи мунаввари наргис

مشعل گل بود و شمع منور نرگس

Гул дар он саҳни чамани таҳ ба таҳаш золӣ чист

گل در آن صحن چمن ته به تهش ذالی چیست

Сифати ҳасани турои барда ба дафтари наргис

صفت حسن ترا برده به دفتر نرگس

Чу қалами зор ва заъиф аст бигӯям ки чарост

چو قلم زار و ضعیف است بگویم که چراست

Гашта дар фурқати чашмони ту лоғари наргис

گشته در فرقت چشمان تو لاغر نرگس

Гар зи хоки кафи пои ту нишоне ёбад

گر ز خاک کف پای تو نشانی یابد

Сар ба Айюқ кашад ҳамчуи санавбари наргис

سر به عیوق کشد همچو صنوبر نرگس

То ба побӯс ту бошад ки мушарраф гардад

تا به پابوس تو باشد که مشرف گردد

Омадаи бозу қадами сохта аз сари наргис

آمده باز و قدم ساخته از سر نرگس

Бас ки дар фурқат ӯ шаби сар шаб гиряд зор

بس که در فرقت او شب سر شب گرید زار

Чаҳ кунад гар накунад домани худтар наргис

چه کند گر نکند دامن خود تر نرگس

Чун зи пероҳани дилдори з гул ёфт нишон

چون ز پیراهن دلدار ز گل یافت نشان

Гашт дар хизмат ӯ бандау чокари наргис

گشت در خدمت او بنده و چاکر نرگس

Ғайри чашм ту нахоҳад ки бибинад чизе

غیر چشم تو نخواهد که ببیند چیزی

Бар сар андохта зини воқеаи мъҷри наргис

بر سر انداخته زین واقعه معجر نرگس

То дигар ғайри дуои шаҳ одил накунад

تا دگر غیر دعای شه عادل نکند

Дӯш дар саҳн чаман карда муқарари наргис

دوش در صحن چمن کرده مقرر نرگس

Хусрав рӯй замини фахри ҷаҳони шоҳи ҳусайн

خسرو روی زمین فخر جهان شاه حسین

Он ки аз хок раҳаш ёфта афсари наргис

آن که از خاک رهش یافته افسر نرگس

Дар чамани сояи қадаш чу фитад бар сар ӯ

در چمن سایه قدش چو فتد بر سر او

Сарв ҳар ҷо ки буд рашки барад бар наргис

سرو هر جا که بود رشک برد بر نرگس

наменадонад ба чаҳ мансӯба наад сар бар пош

می نداند به چه منصوبه نهد سر بر پاش

Гашта ҳайрону саросемау музтари наргис

گشته حیران و سراسیمه و مضطر نرگس

Ба адаб сар фиканд пешу ситодаи шабу рӯз

به ادب سر فکند پیش و ستاده شب و روز

намекунад хизмати султони Музаффари наргис

می کند خدمت سلطان مظفر نرگس

Рӯ дигар эй гули сероб шикоят накунӣ

رو دگر ای گل سیراب شکایت نکنی

Ки чу хоки раҳ шоҳаст мутаҳҳари наргис

که چو خاک ره شاه است مطهر نرگس

Карда аз перҳани шоҳи гадои бӯе

کرده از پیرهن شاه گدایی بویی

Зони сабаби саҳн чаман карда муаттари наргис

زآن سبب صحن چمن کرده معطر نرگس

Нестии қобили хоки раҳ султон гӯйанд

نیستی قابل خاک ره سلطان گویند

Гӯши худ сохта аз баҳри ҳамин кари наргис

گوش خود ساخته از بهر همین کر نرگس

Гар баборади нафасии абри атоу карамаш

گر ببارد نفسی ابر عطا و کرمش

Бугзарад аз сари шамшоду зи ъръри наргис

بگذرد از سر شمشاد و ز عرعر نرگس

То нишастӣ ту мураббаъ ба чаман бо дили шод

تا نشستی تو مربع به چمن با دل شاد

Накунад майл ба хуршеди мудаввари наргис

نکند میل به خورشید مدور نرگس

Орзӯманд ба побӯси сегон ту буд

آرزومند به پابوس سگان تو بود

Вена муяссар нашавад раҳм буд бар наргис

وین میسر نشود رحم بود بر نرگس

Гуфтгар булбули шӯридаи санои гули дӯш

گفت گر بلبل شوریده ثنای گل دوش

Ҳаст дар кӯии ту имрӯзи саногари нари гас

هست در کوی تو امروز ثناگر نر گس

Гар бунафшааст чу ангушти дили афсурдаи зғм

گر بنفشه است چو انگشت دل افسرده زغم

Ҳаст дар хизмат ӯ гарм чу ахгари наргис

هست در خدمت او گرم چو اخگر نرگس

Задаон об фикандӣ чу ба атрофи чаман

زدهان آب فکندی چو به اطراف چمن

Бимикед ва шуд аз он рӯзи мухаммири наргис

بمکید و شد از آن روز مخمر نرگس

Рафт сӯии чаман ва хайма зад аз рӯй тараб

رفت سوی چمن و خیمه زد از روی طرب

. . . Баргард ва шуд ҳоҷиби он дар наргис

...برگرد و شد حاجب آن در نرگس

Аз май лутфи тугар як қадаҳӣ нӯш кунад

از می لطف تو گر یک قدحی نوش کند

Ба ҷӯй менахирад ҳишмати санҷари наргис

به جوی می نخرد حشمت سنجر نرگس

Дар шаби бадари сҳоро битавонад дидан

در شب بدر سها را بتواند دیدن

Гар зкўӣ ту шавад дидаи ағбри наргис

گر زکوی تو شود دیده اغبر نرگس

Сӯсан аз баҳр чаро рашки барад бар ҷонаш

سوسن از بهر چرا رشک برد بر جانش

Гашта аз симу зари хеши тавонгари наргис

گشته از سیم و زر خویش توانگر نرگس

Чун тбшаҳи бадви чашм сияҳаш кард аз он

چون تبشه بدو چشم سیهش کرد از آن

Гашт дар саҳни чамани ҳокиму сарвари наргис

گشت در صحن چمن حاکم و سرور نرگس

Тарк каж карда кулоҳӣаст магари пиндорӣ

ترک کژ کرده کلاهی است مگر پنداری

Шаста бар тахти зумуррад чу Сикандари наргис

شسته بر تخت زمرد چو سکندر نرگس

Аз суфоли саг ӯ гар бихӯрад об , шавад

از سفال سگ او گر بخورد آب، شود

Беҳтар аз сӯфии бечораи суханвари наргис

بهتر از صوفی بیچاره سخنور نرگس