То баста ам бидон ду рухи лолаи фоми дил

تا بسته ام بدان دو رخ لاله فام دل

Монанди лола сӯхта дорам мудоми дил

مانند لاله سوخته دارم مدام دل

Гашт аз тпончаҳи лолаи рухи ман рухоми ранг

گشت از طپانچه لاله رخ من رخام رنگ

Дар ишқ рӯй лолаи рухони рухоми дил

در عشق روی لاله رخان رخام دل

Донаасту доми холу хами зулфи он санам

دانه است و دام خال و خم زلف آن صنم

Ман солу моҳ баста бидон дону доми дил

من سال و ماه بسته بدان دان و دام دل

То дидаи лаҳза лаҳза бидон бут нигоҳ кард

تا دیده لحظه لحظه بدان بت نگاه کرد

Нӯшед бодаи ғам ӯ ҷоми ҷоми дил

نوشید باده غم او جام جام دل

Чун дид ранҷи фоқаи бадал бар хилол кард

چون دید رنج فاقه بدل بر خلال کرد

Бар дида кард хобу ғнўдни ҳароми дил

بر دیده کرد خواب و غنودن حرام دل

Дар ҳиҷри он зи дидау дили дўстри маро

در هجر آن ز دیده و دل دوستر مرا

Бихўоби гашти дидау ношоди коми дил

بیخواب گشت دیده و ناشاد کام دل

Ҷуз бар висол дӯст нахоҳанд ёфтан

جز بر وصال دوست نخواهند یافتن

Хоби тамоми дидау шодии тамоми дил

خواب تمام دیده و شادی تمام دل

Аз ман чу ёри азм сафар кард пеши азу

از من چو یار عزم سفر کرد پیش ازو

Бар басти бори риҳлату бардошти коми дил

بر بست بار رحلت و برداشت کام دل

Ҳар манзилӣ ки дӯст дар онҷо нузул кард

هر منزلی که دوست در آنجا نزول کرد

Омад ба пеш ва кард бадв бар саломи дил

آمد به پیش و کرد بدو بر سلام دل

Бо дил чигуна пухта шавад кори хоми ман

با دل چگونه پخته شود کار خام من

Сад гӯнаи кори пухта ман кард хоми дил

صد گونه کار پخته من کرد خام دل

Гўӣии маро ки сабр куну дили биҷои дор

گوئی مرا که صبر کن و دل بجای دار

Охир чигуна сабр кунам бо кадоми дил

آخر چگونه صبر کنم با کدام دل