Субҳи маҳшар ки ман аз хоб гарон бархезам

صبح محشر که من از خواب گران برخیزم

Буд оё ки биравят нигарон бархезам

بود آیا که برویت نگران برخیزم

Баси малулами зи ҷаҳони булбули хуш нағма куҷост

بس ملولم ز جهان بلبل خوش نغمه کجاست

Каз сар ҳар ду ҷаҳон даст фишон бархезам

کز سر هر دو جهان دست فشان برخیزم

Аз висолам чаҳ таматтуъи зи ту эй офати ҷон

از وصالم چه تمتع ز تو ای آفت جان

То нишинии бкнорми з миён бархезам

تا نشینی بکنارم ز میان برخیزم

Оҳ аз он лаҳза ки дар базми нишинии ту ва ман

آه از آن لحظه که در بزم نشینی تو و من

Хезам аз анҷуману дил нигарон бархезам

خیزم از انجمن و دل نگران برخیزم

Гул ду рӯзӣаст , ҳамон ба ки азин тарафи чаман

گل دو روزیست، همان به که ازین طرف چمن

Пеш аз он дам ки вазади бод хазон бархезам

پیش از آن دم که وزد باد خزان برخیزم

Ҳар тарафи мингрм бе хброннди табиб

هر طرف مینگرم بی خبرانند طبیب

Ба ки аз маҳфили ин бихброн бархезам

به که از محفل این بیخبران برخیزم