Бар ёди Рахш чун равад аз дидаи ман об

بر یاد رخش چون رود از دیده من آب

Сад боғ тавон дод ба як чашм задани об

صد باغ توان داد به یک چشم زدن آب

Об аз мижа рӯ кард ба ман , оҳ чаҳ созам

آب از مژه رو کرد به من، آه چه سازم

Гар воншўди ҳамчуи ҳубоб аз сари ман об

گر وانشود همچو حباب از سر من آب

Бо он рухи шодоб ба гулшан чу даройӣ

با آن رخ شاداب به گلشن چو درآیی

Аз соя рӯй ту хӯрд сарву самани об

از سایه روی تو خورد سرو و سمن آب

Зоҳид нашавад қобили побӯси хам май

زاهد نشود قابل پابوس خم می

Чун шиша ,гар аз бода кашад дасту даҳани об

چون شیشه، گر از باده کشد دست و دهن آب

Гар шӯҳрати трдомнии гули шунӯди хок

گر شهرت تردامنی گل شنود خاک

Ҳаргиз нагузорад ки даройад ба чамани об

هرگز نگذارد که درآید به چمن آب

Сарчашмаи ин бодияро Хизр балад нест

سرچشمه این بادیه را خضر بلد نیست

Брдоштмии кош чу гавҳари зи ватани об

برداشتمی کاش چو گوهر ز وطن آب

Тар шуд раҳи гӯшами зи ғзлхўонии тғро

تر شد ره گوشم ز غزلخوانی طغرا

Ҳаргиз нишнидам ки барояд зи сухани об

هرگز نشنیدم که برآید ز سخن آب