Шикваи донау дом аз нафаси андохти маро

شکوه دانه و دام از نفس انداخت مرا

Шӯри беҳудаи зи чашми қафаси андохти маро

شور بیهوده ز چشم قفس انداخت مرا

Манам он шуълаи ноқис ки паии касби камол

منم آن شعله ناقص که پی کسب کمال

Оташи афрӯз ба домони хаси андохти маро

آتش افروز به دامان خس انداخت مرا

Оқибати шӯриши биҷои сияҳи мастии ишқ

عاقبت شورش بیجای سیه مستی عشق

Ҳамчуи занҷир ба чанги асаси андохти маро

همچو زنجیر به چنگ عسس انداخت مرا

Ҳаст ҳақ бо ман агар шикваи з сайёд кунам

هست حق با من اگر شکوه ز صیاد کنم

Зон ки ноҳақ ба тилисми қафаси андохти маро

زان که ناحق به طلسم قفس انداخت مرا