Дар оташам фиканд ки бедӯд ва дам нишин
در آتشم فکند که بی دود و دم نشین
Ғам бар дилам гумошт ки рӯ бе?илам нишин
غم بر دلم گماشت که رو بی الم نشین
Ҳукм қазо расед ки бо вусъати сипеҳр
حکم قضا رسید که با وسعت سپهر
Дар тангно ҳамеша чу на?ил қалам нишин
در تنگنا همیشه چو نال قلم نشین
Фарёд мекунад ҷараси корвони чарх
فریاد می کند جرس کاروان چرخ
Каз шаҳр айш бигузар ва дар дашт ғам нишин
کز شهر عیش بگذر و در دشت غم نشین
Меҳмони рӯзгор чу гаштам , насиб гуфт
مهمان روزگار چو گشتم، نصیب گفت
Дар остони хона чу нақш қадам нишин
در آستان خانه چو نقش قدم نشین
Қисмат ишора кард ки дар чорсўии даҳр
قسمت اشاره کرد که در چارسوی دهر
Бисёр каши ҷафоу ситам , лек кам нишин
بسیار کش جفا و ستم، لیک کم نشین
Даврон забон гушӯд ки аз нақди офият
دوران زبان گشود که از نقد عافیت
Дасти тиҳӣ чу мардуми соҳиб карам нишин
دست تهی چو مردم صاحب کرم نشین
Гуфтам ки ҷой нест барои нишастанам
گفتم که جای نیست برای نشستنم
Айём гуфт дар таҳи теғ ситам нишин
ایام گفت در ته تیغ ستم نشین
Тғро , чу нақши зиндагии ?ут бад нишаста аст
طغرا، چو نقش زندگی ات بد نشسته است
Баҳри наҷот , бар сари роҳ адам нишин
بهر نجات، بر سر راه عدم نشین