Буд чун зулфи шаб , гесуии шӯх май парасти ман
بود چون زلف شب، گیسوی شوخ می پرست من
Ки ҳаргизи як сар мӯяш намеояд ба дасти ман
که هرگز یک سر مویش نمی آید به دست من
Ман он паймонаам каз касрати мавҷи тнки зарфӣ
من آن پیمانه ام کز کثرت موج تنک ظرفی
Буд гӯши ҳубоб май бар овози шикасти ман
بود گوش حباب می بر آواز شکست من
Дар иқлӣми баннои хилқати он баргаштаи айёмам
در اقلیم بنای خلقت آن برگشته ایامم
Ки шоми охири дунё , буд субҳи аласти ман
که شام آخر دنیا، بود صبح الست من