Гулшани даҳр ки набӯд гули айшаши ҷовид
گلشن دهر که نبود گل عیشش جاوید
Ҳеҷ дар ғунча ӯ буии вафо кас нашамид
هیچ در غنچه او بوی وفا کس نشمید
Субҳи осоиш ӯ матлаъ андӯҳ дамид
صبح آسایش او مطلع اندوه دمید
Саҳар аз боди сабои сарсари бедоди вазид
سحر از باد صبا صرصر بیداد وزید
Рӯз идасту ҳамаи шоду фараҳманд ба ид
روز عید است و همه شاد و فرحمند به عید
Ман ба ғами ҳамдам ва сад марҳала аз иди баъӣд
من به غم همدم و صد مرحله از عید بعید
Борҳо дар дили ман буд таманнои писар
بارها در دل من بود تمنای پسر
Лутф созад ба ман хастаи худованд агар
لطف سازد به من خسته خداوند اگر
Омад охири зи карами нахли муродам ба самар
آمد آخر ز کرم نخل مرادم به ثمر
Монад ҳасрат ба дил ва кард азин дори сафар
ماند حسرت به دل و کرد ازین دار سفر
Рӯз идасту ҳамаи шоду фараҳманд ба ид
روز عید است و همه شاد و فرحمند به عید
Ман ба ғами ҳамдам ва сад марҳала аз иди баъӣд
من به غم همدم و صد مرحله از عید بعید
Шеваи ибни халили сохтаи худ қурбон кард
شیوه ابن خلیل ساخته خود قربان کرد
Нақди ҷони сохт гарави рӯ ба сӯй ҷонон кард
نقد جان ساخت گرو رو به سوی جانان کرد
Ашки ҳасрати зи ғамаш бар рухи мо тӯфон кард
اشک حسرت ز غمش بر رخ ما طوفان کرد
Гулшаниро зи ғамаши булбули хуш алҳон кард
گلشنی را ز غمش بلبل خوشالحان کرد
Рӯз идасту ҳамаи шоду фараҳманд ба ид
روز عید است و همه شاد و فرحمند به عید
Ман ба ғами ҳамдам ва сад марҳала аз иди баъӣд
من به غم همدم و صد مرحله از عید بعید
Мавсими айш ва нишотасту фараҳи шоди ҳама
موسم عیش و نشاط است و فرح شاد همه
Яксар аз кулуфту андӯҳу ғами озоди ҳама
یکسر از کلفت و اندوه و غم آزاد همه
Руста аз ҷабру ситами ғуссау бедоди ҳама
رسته از جبر و ستم غصه و بیداد همه
Кандаи кӯҳи ?илам ва дод чу Фарҳоди ҳама !
کنده کوه الم و داد چو فرهاد همه!
Рӯз идасту ҳамаи шоду фараҳманд ба ид
روز عید است و همه شاد و فرحمند به عید
Ман ба ғами ҳамдам ва сад марҳала аз иди баъӣд
من به غم همدم و صد مرحله از عید بعید
Ёди боди онкии зи минои тараби соғар май
یاد باد آنکه ز مینای طرب ساغر می
Ҳамчуи хайёми бнўшидми азони пай дар пай
همچو خیام بنوشیدم ازآن پی در پی
Буд дар маҳфили мо чангу рубобу дафу не
بود در محفل ما چنگ و رباب و دف و نی
Кӣ задам такя ба коўс кӣу ҳотами тай ? !
کی زدم تکیه به کاوس کی و حاتم طی؟!
Рӯз идасту ҳамаи шоду фараҳманд ба ид
روز عید است و همه شاد و فرحمند به عید
Ман ба ғами ҳамдам ва сад марҳала аз иди баъӣд
من به غم همدم و صد مرحله از عید بعید
Дӯш афтод марои ҷониби майхонаи гузар
دوش افتاد مرا جانب میخانه گذر
Хостам аз кафи соқии бустонами соғар
خواستم از کف ساقی بستانم ساغر
Дод оғози марои ҳотифи айёми қадар
داد آغاز مرا هاتف ایام قدر
Ки на вақт тарабаст гулшан ту монад з бар !
که نه وقت طرب است گلشن تو ماند ز بر!
Рӯз идасту ҳамаи шоду фараҳманд ба ид
روز عید است و همه شاد و فرحمند به عید
Ман ба ғами ҳамдам ва сад марҳала аз иди баъӣд
من به غم همدم و صد مرحله از عید بعید
То шудам даври зи шоҳини маъонии туғрул
تا شدم دور ز شاهین معانی طغرل
Рехт дар ҷоми нишотами бадал май ҳанзал
ریخت در جام نشاطم بدل می حنظل
Лутфӣу ъосму саҳбои зи ҳамаи боди афзал
لطفی و عاصم و صهبا ز همه باد افضل
Назм ҳар як бидиҳад накҳати авду анбар !
نظم هر یک بدهد نکهت عود و عنبر!
Рӯз идасту ҳамаи шоду фараҳманд ба ид
روز عید است و همه شاد و فرحمند به عید
Ман ба ғами ҳамдам ва сад марҳала аз иди баъӣд
من به غم همدم و صد مرحله از عید بعید