Пер чун гаштӣ , чу Тифлони бозӣ дунё махӯр

پیر چون گشتی، چو طفلان بازی دنیا مخور

Мехур охири сарат , зинҳор аз вай по махӯр ! !

میخور آخر سرت، زنهار از وی پا مخور!!

Баси ки дил пар гашта зи андӯҳи туҳидастии туро

بس ک دل پر گشته ز اندوه تهیدستی ترا

Нест ҷои ғам дигар дили дил , ғам биҷо махӯр !

نیست جای غم دگر دل دل، غم بیجا مخور!

Нест чун бисрФаҳи ҳаргизи харҷат аз ақли маош

نیست چون بیصرفه هرگز خرجت از عقل معاش

Ғуссаи имрӯзу фардоро ҳамаи як ҷо махӯр

غصه امروز و فردا را همه یک جا مخور

Дил манеҳ бар ҳастӣ махлуқ , пеши лутфи ҳақ

دل منه بر هستی مخلوق، پیش لطف حق

Бозӣ аз мавҷи сари обӣ бар лаб дарё махӯр

بازی از موج سر آبی بر لب دریا مخور

намекунад заҳри ҳаромии ногаҳон дар кори ту

می‌کند زهر حرامی ناگهان در کار تو

Бе таъаммули луқмае аз суфра дунё махӯр

بی‌تأمل لقمه‌ای از سفره دنیا مخور

Нест ба аз лиззати меҳмони навозӣ , нонхўрш

نیست به از لذت مهمان نوازی، نانخورش

То туоне нони хушки хешро танҳо махӯр

تا توانی نان خشک خویش را تنها مخور

Неъмати алвони дунё , нӯши ҷони воъизи туро

نعمت الوان دنیا، نوش جان واعظ ترا

Гар ғами ишқии худо рӯзӣ кунад , бе мо махӯр

گر غم عشقی خدا روزی کند، بی ما مخور