Магар шуд синаам шаби водии тавр
مگر شد سینهام شب وادی طور
Ки бар дили тобдм аз шаш ҷиҳати нур
که بر دل تابدم از شش جهت نور
Гумонами лайла алқдраст имшаб
گمانم لیلة القدر است امشب
Ки шуд чун рӯзи равшани лайли диҷўр
که شد چون روز روشن لیل دیجور
Румузи риндӣу асрори мастӣ
رموز رندی و اسرار مستی
Ба шайхи шаҳр гуфтан нест дастур
به شیخ شهر گفتن نیست دستور
Магӯ бо мурғи шаб аз нури хуршед
مگو با مرغ شب از نور خورشید
Наёрад серумаи кас бар дидаи кӯр
نیارد سرمه کس بر دیده کور
Агар манъат кунад аз май парастӣ
اگر منعت کند از میپرستی
Макун манъаш буд бечораи маъзӯр
مکن منعش بود بیچاره معذور
Расадгар бар машомаши накҳат май
رسد گر بر مشامش نکهت می
Биафтад то қиёмати масту махмур
بیفتد تا قیامت مست و مخمور
Наадгар бар сари дори фанои по
نهد گر بر سر دار فنا پا
Ано алҳақ месарояд ҳамчуи Мансур
انا الحق میسراید همچو منصور
з мехорон наёрад каси нишоне
ز میخواران نیارد کس نشانی
Буд то наргиси масти ту мастур
بود تا نرگس مست تو مستور
Чунон аз бодаи ишқи ту мастам
چنان از باده عشق تو مستم
Ки аз мо маст гардад оби ангур
که از ما مست گردد آب انگور
Гирифтори каманди зулфи ҷонон
گرفتار کمند زلف جانان
Надонад шодӣ аз ғами мотам аз сур
نداند شادی از غم ماتم از سور
Ба неруии риёзати ваҳдати охир
به نیروی ریاضت وحدت آخر
Накардӣ деви саркашро ту мақҳур
نکردی دیو سرکش را تو مقهور