Ҳар чанд ноз кардӣ , ниёзам зиёда шуд
هر چند ناز کردی ، نیازم زیاده شد
Дардам фузуду сӯзу гудозам зиёда шуд
دردم فزود و سوز و گدازم زیاده شد
Ҳар чанд беш кишт ба ноз ва киришма ам
هر چند بیش کشت به ناز و کرشمهام
Рағбат ба он киришмау нозам зиёда шуд
رغبت به آن کرشمه و نازم زیاده شد
Боз омадӣу шуълаи шавқам ба ҷон задӣ
باز آمدی و شعلهٔ شوقم به جان زدی
Кам гашта буд сӯзи ту бозам зиёда шуд
کم گشته بود سوز تو بازم زیاده شد
Дарди ту кам нашуд зи сафар балки сади ?илам
درد تو کم نشد ز سفر بلکه سد الم
Аз ранҷи роҳи давру дарозам зиёда шуд
از رنج راه دور و درازم زیاده شد
Ваҳшӣ ба фикри чашми Ғаззолӣ ба ҳар ғазал
وحشی به فکر چشم غزالی به هر غزل
Ангези табъи саҳари тарозам зиёда шуд
انگیز طبع سحر طرازم زیاده شد
Хониш