На ман аз ту меҳр хоҳам на ту бигузарӣ зи кини ҳам
نه من از تو مهر خواهم نه تو بگذری ز کین هم
На тараст ин мурувват на марост чашми ин ҳам
نه تر است این مروت نه مراست چشم این هم
Чаҳ баҳонаи сохт дигар ба ҳалоки бигноҳон
چه بهانه ساخت دیگر به هلاک بیگناهان
Ки таъаррузаст бар лаби грҳист бар ҷабини ҳам
که تعرض است بر لب گرهیست بر جبین هم
Ба миёни ҷангу сулҳати ману даст ва он дуоҳо
به میان جنگ و صلحت من و دست و آن دعاها
Ки зи остин бар ояд на равад ба остини ҳам
که ز آستین بر آید نه رود به آستین هم
На ҳамин фалак хаҷал шуд зи кафи ниёзи ишқам
نه همین فلک خجل شد ز کف نیاز عشقم
Ки зи саҷдаҳои шавқам шудаи мунфаили замини ҳам
که ز سجدههای شوقم شده منفعل زمین هم
Бирасон зи хирмани худ мададӣ ба бе насибон
برسان ز خرمن خود مددی به بی نصیبان
Ки на хирман ту монад на ҳуҷуми хӯшаи чини ҳам
که نه خرمن تو ماند نه هجوم خوشه چین هم
Чаҳ матоъ растгорӣ будам зи саҷдаи бут
چه متاع رستگاری بودم ز سجدهٔ بت
Ки захирае набардами зи нигоҳи вопасини ҳам
که ذخیرهای نبردم ز نگاه واپسین هم
зи ту хуш намост ваҳшии раҳу расми зуҳду риндӣ
ز تو خوش نماست وحشی ره و رسم زهد و رندی
Ки длисти ҳақи шиносу назарии худои байни ҳам
که دلیست حق شناس و نظری خدای بین هم