Бедарме хор кашидӣ ба пушт

بی درمی خار کشیدی به پشت

Номдаҳи ҷузи обилаи ҳеҷаш ба мушт

نامده جز آبله هیچش به مشت

Буд ҳамин захми сари неши хор

بود همین زخم سر نیش خار

Ончӣ ба даст омадаш аз рӯзгор

آنچه به دست آمدش از روزگار

Захми басии хор бар андом дошт

زخم بسی خار بر اندام داشت

Хорӣ бисёр аз айём дошт

خواری بسیار از ایام داشت

Рӯ ба дар қозӣ ҳоҷот кард

رو به در قاضی حاجات کرد

Даст баровард ва муноҷот кард

دست برآورد و مناجات کرد

К-эии зи ту хуррам шудаи боғу баҳор

کای ز تو خرم شده باغ و بهار

Хори зи файзи ту гул оварда бор

خار ز فیض تو گل آورده بار

Чанд дар ин дашти ман тираи рӯз

چند در این دشت من تیره روز

Хирқаи сад пора кунам хордўз

خرقهٔ سد پاره کنم خاردوز

Чанд шавам нахли сифати лиФи пӯш

چند شوم نخل صفت لیف پوش

Чанд тавон бор кашӣдан ба дӯш

چند توان بار کشیدن به دوش

Нахл ки шуд хоркшии кор ӯ

نخل که شد خارکشی کار او

Ҳаст рутаб низ гуҳии бор ӯ

هست رطب نیز گهی بار او

Ваа ки ман аз хоркшии сӯхтам

وه که من از خارکشی سوختم

Ҷузи зарари хори ниндўхтм

جز ضرر خار نیندوختم

Ҷузи гули андӯҳами азин хор нест

جز گل اندوهم ازین خار نیست

Ҳеҷам аз ин хори ҷуз озор нест

هیچم از این خار جز آزار نیست

Теша ба гул мезад ва мекунад хор

تیشه به گل میزد و می‌کَند خار

Гашти зи гули машрабае ошкор

گشت ز گل مشربه‌ای آشکار

Машрабае буд дар ӯ зари басӣ

مشربه‌ای بود در او زر بسی

Аз сари зардори гаронтар басӣ

از سر زردار گرانتر بسی

Чун сари он машрабаро боз кард

چون سر آن مشربه را باز کرد

Замзамаи хўшдлӣ оғоз кард

زمزمه خوشدلی آغاز کرد

Рафт ва ба зани сӯрати он роз гуфт

رفت و به زن صورت آن راز گفت

Сӯрати он рози ниҳон боз гуфт

صورت آن رازَ نهان باز گفت

Парда барандохт чу аз рӯй роз

پرده برانداخت چو از روی راز

Рафт зан ва гуфт ба ҳамсояи боз

رفت زن و گفت به همسایه باز

Роз нахоҳӣ ки шавад ошкор

راز نخواهی که شود آشکار

Лаб багаз ва боз магӯ зинҳор

لب بگز و باز مگو زینهار

Кӯҳ ки сангаст ва надорад баён

کوه که سنگ است و ندارد بیان

Вази пай гуфтор надорад забон

وز پی گفتار ندارد زبان

Ҳеҷ магӯяш ки баён мекунад

هیچ مگویش که بیان میکند

Рози ниҳони ту аён мекунад

راز نهان تو عیان میکند

Он сухани афсона бозор шуд

آن سخن افسانه بازار شد

Волии он шаҳр хабардор шуд

والی آن شهر خبردار شد

Гуфт ки аз хонаи бурунаши кашанд

گفت که از خانه برونش کشند

Аз сари озор ба хунаши кашанд

از سر آزار به خونش کشند

Ҳоҷиб шаҳ рафт ва ба фармони шоҳ

حاجب شه رفت و به فرمان شاه

Баради кашонаш ба сӯии боргоҳ

برد کشانش به سوی بارگاه

Шоҳ бова бонг зад аз рӯй қаҳр

شاه به او بانگ زد از روی قهر

Шарбати он айш бар ӯ кард заҳр

شربت آن عیش بر او کرد زهر

Кӣ шуда аз хоркшии пушти риш

کی شده از خارکشی پشت ریش

Ҷомаи зарбафт чаҳ пӯшӣ ба хеш

جامه زربفت چه پوشی به خویش

Васлаи полони хари хоркаш

وصلهٔ پالان خرِ خارکَش

Нест зи пари голаи зарбафти хуш

نیست ز پرگالهٔ زربفت خَوش

Ганҷи буруни ор ки рстии зи ранҷ

گنج برون آر که رستی ز رنج

Мори сифат кушта машав баҳри ганҷ

مار صفت کشته مشو بهر گنج

Хоркшш гуфт ки эй шаҳриёр

خارکشش گفت که ای شهریار

Дасти зи озор асирон бидор

دست ز آزار اسیران بدار

Аз нафаси гарм асирон битарс

از نفس گرم اسیران بترس

зи оҳи дили риш фақирон битарс

زآه دل ریش فقیران بترس

Ганҷи зи ман май талабӣ ганҷ чист

گنج ز من می‌طلبی گنج چیست

Ҳосили айём ба ҷуз ранҷ чист

حاصل ایام بجز رنج چیست

Ганҷ кунӣ машрабаеро лақаб

گنج کنی مشربه‌ای را لقب

Ганҷ кунад хок ба сари зини сабаб

گنج کند خاک به سر زین سبب

Шоҳ зад аз хашми гиреҳ бар ҷабин

شاه زد از خشم گره بر جبین

Гуфт ки бастанди ду дасташи зи кин

گفت که بستند دو دستش ز کین

Аз фалакаши оҳу фиғон май гузашт

از فلکش آه و فغان می‌گذشت

Вази сари дардаш ба забон май гузашт :

وز سر دردش به زبان می‌گذشت:

Каз ғами ин ҳодисагар ҷон барам

کز غم این حادثه گر جان برم

Чашм кунам дӯшу муғелон барам

چشم کنم دوش و مغیلان برم

Аз сар бедод задандаш басӣ

از سر بیداد زدندش بسی

Қоида дод надид аз касе

قاعدهٔ داد ندید از کسی

эй зи ҳасад бо ҳамаи олам ба ҷанг

ای ز حسد با همه عالم به جنگ

Зини амали бади ҳамаи олам ба танг

زین عمل بد همه عالم به تنگ

Нест зи ранҷи ҳасад умед зист

نیست ز رنج حسد امید زیست

Вой ба ҷони ту алоҷ ту чист

وای به جان تو علاج تو چیست

Дидаи инсофи зи ту хордўз

دیده انصاف ز تو خاردوز

Чашми ҳнрбини зи ту мсмордўз

چشم هنربین ز تو مسماردوز

Пешаи ту айби ҳунарпешагон

پیشه تو عیب هنرپیشگان

Айби шумори ҳнрондишгон

عیب شمار هنراندیشگان

Душмани он каз ҳунараши мояи ист

دشمن آن کز هنرش مایه‌ایست

Бар сараш аз фари ҳумои сояи ист

بر سرش از فر هما سایه‌ایست

Айб кунӣ марди ҳунари кеш ро

عیب کنی مرد هنر کیش را

То бинмое ҳунари хеш ро

تا بنمایی هنر خویش را

Зини ҳунари онкас ки буд ҳӯшманд

زین هنر آنکس که بود هوشمند

Бе ҳунарӣҳои ту донад ки чанд

بی‌هنریهای تو داند که چند

Онкии ту айб ҳунараш мекунӣ

آنکه تو عیب هنرش میکنی

Дар ҳамаи ҷо номвараш мекунӣ

در همه جا نامورش میکنی

Гар з ҳунар нест ғарази ному бас

گر ز هنر نیست غرض نام و بس

Ба зи ту шӯҳрат ки диҳад номи кас

به ز تو شهرت که دهد نام کس

Он ҳунар андеш шавад номдор

آن هنر اندیش شود نامدار

Каш ту кунӣ айби шумории шиор

کش تو کنی عیب شماری شعار

Онкӣ чу парвонаи оташи параст

آنکه چو پروانهٔ آتش پرست

Гирди ту гашт аз ту дар оташ нишаст

گرد تو گشت از تو در آتش نشست

Шуълаи занӣ бар тани худ шамъи вор

شعله زنی بر تن خود شمع‌وار

То дгарӣ аз ту шавад доғдор

تا دگری از تو شود داغدار

Онкии паии ҳифзи ту фонӯси вор

آنکه پی حفظ تو فانوس‌وار

Шаби ҳамаи шаби сохтаи пои устувор

شب همه شب ساخته پا استوار

Поси ту шаб то ба саҳар дошта

پاس تو شب تا به سحر داشته

Бод ба наздик ту нагузошта

باد به نزدیک تو نگذاشته

Сар зада ӯро зи ту дӯд аз ниҳод

سر زده او را ز تو دود از نهاد

Зини амали зишти турои шарми бод

زین عمل زشت ترا شرم باد

Ҷавр ба подош вафо мекунӣ

جور به پاداش وفا میکنی

Бод туро шавам чҳо мекунӣ

باد ترا شوم چه‌ها میکنی

Хор нишонанду гули орад ба бор

خار نشانند و گل آرد به بار

эй ту кам аз хори зи худ шарми дор

ای تو کم از خار ز خود شرم دار

Бад макун аз гардиш даврон битарс

بد مکن از گردش دوران بترس

Давр мукофот кунад з он битарс

دور مکافات کند ز آن بترس

Ҳар ки дар ин мазраъа шуд донаи кор

هر که در این مزرعه شد دانه کار

Орад аз он донаи ҳамон донаи бор

آرد از آن دانه همان دانه بار

Мо ки чу паргор қадам ме занем

ما که چو پرگار قدم می‌زنیم

Чархи барин нуқта ғам ме занем

چرخ برین نقطه غم می‌زنیم

Даври з ҳар нуқта ки бардоштем

دور ز هر نقطه که برداشتیم

Боз ба он нуқта гузар доштем

باز به آن نقطه گذر داشتیم

Онкӣ ба раҳ хор фишон басти бор

آنکه به ره خار فشان بست بار

Боз чу гардид ба раҳ дошт хор

باز چو گردید به ره داشت خار

Ҳар ки бадӣ кард ба ҷуз бад надид

هر که بدی کرد بجز بد ندید

Кард ки як бад ки иваз сад надид

کرد که یک بد که عوض سد ندید

Мор ки ӯ бар сар озор рафт

مار که او بر سر آزار رفت

Зндгиш бар сари ин кор рафт

زندگیش بر سر این کار رفت

Шамъ ки оташи з дарун барфурӯхт

شمع که آتش ز درون برفروخت

Сӯхти дилаш чун дили парвонаи сӯхт

سوخت دلش چون دل پروانه سوخت

Кас чаҳ кунад душмании зштхў

کس چه کند دشمنی زشتخو

Душман ӯ баси амали зишт ӯ

دشمن او بس عمل زشت او

Мор ки озори касон кор ӯст

مار که آزار کسان کار اوست

Ҳар ки буд бар сар озор ӯст

هر که بود بر سر آزار اوست

Онкии гузар бар сар некӣ фиканд

آنکه گذر بر سر نیکی فکند

Кӣ расад аз аҳли газандаши газанд

کی رسد از اهل گزندش گزند

Зар ки ба мардуми ҳама роҳат диҳад

زر که به مردم همه راحت دهد

з оташ сӯзанда саломати ҷаҳд

ز آتش سوزنده سلامت جهد

Хор каз ва шуд ҳамаро пои Фкор

خار کزو شد همه را پا فکار

Сӯхт чу афканд бар оташи гузор

سوخت چو افکند بر آتش گذار

Шева озор макун ихтиёр

شیوهٔ آزار مکن اختیار

Вар на зи бехати бикунади рӯзгор

ورنه ز بیخت بکَنَد روزگار

Хори пари озор ки нашутур занад

خار پر آزار که نشتر زند

Хоркн аз бех ва бенаш бар кунад

خارکن از بیخ و بنش بَرکَند

Нур фишон гарчи бисӯзӣ ба доғ

نور فشان گرچه بسوزی به داغ

Касб кун ин қоидаро аз чароғ

کسب کن این قاعده را از چراغ

Бояд агар сӯхт , бисоз ва бисӯз

باید اگر سوخت، بساز و بسوز

Хонаи торик касе бар фурӯз

خانهٔ تاریک کسی بر فروز

Фитнаи мингиз ва битарс аз ситез

فتنه مینگیز و بترس از ستیز

Варна шӯии кушта дар он фитнаи хез

ورنه شوی کشته در آن فتنه خیز

Халқи кашанди оташ хилват фурӯз

خلق کشند آتش خلوت فروز

Зонка мабодо шавад офоқи сӯз

زانکه مبادا شود آفاق سوز

Онкӣ дар ӯ ҳаст зи лангари асар

آنکه در او هست ز لنگر اثر

Нест ба ҷузи киштии дарёи гузар

نیست بجز کشتی دریا گذر

Ҳар ки насибии зи ҳунар май барад

هر که نصیبی ز هنر می‌برد

Бештар аз файзи назар май барад

بیشتر از فیض نظر می‌برد

Рӯи назарии ҷӯ ки ҳидоят дар ӯст

رو نظری جو که هدایت در اوست

Мояи эксири саодат дар ӯст

مایه اکسیر سعادت در اوست

Аз тарафи аҳли дилии як нигоҳ

از طرف اهل دلی یک نگاه

Раҳбари мақсӯди ту сади солаи роҳ

رهبر مقصود تو سد ساله راه

Файзи азал аз назари аҳли роз

فیض ازل از نظر اهل راز

Карда дарӣ бар рухи мақсӯди боз

کرده دری بر رخ مقصود باز

Онкии турои моя ҷон ме диҳад

آنکه ترا مایه جان می‌دهد

Ҳар чаҳ талаб мекунӣ он ме диҳад

هر چه طلب می‌کنی آن می‌دهد

Ҷони талаб ва бигузар азин оби вхок

جان طلب و بگذر ازین آب و خاک

Ҷисм раҳо кун ки шӯии ҷони пок

جسم رها کن که شوی جان پاک

Ваҳшӣ азин гуфта фурӯбанди лаб

وحشی ازین گفته فروبند لب

Рӯз ниҳонаст ва аёнаст шаб

روز نهان است و عیان است شب