Хӯн буд дили зи ҳиҷрами нимӣ кабоби нимӣ

خون بود دل ز هجرم نیمی کباب نیمی

зи умеду бими нимӣ хароби нимӣ

ز امید و بیم نیمی خراب نیمی

Чу аз шом ҳастем рафт субҳи шабоби нимӣ

چو از شام هستیم رفت صبح شباب نیمی

Он маи зи меҳри бардошти тарафи ниқоби нимӣ

آن مه ز مهر برداشت طرف نقاب نیمی

Имрӯз ё баромади зи абри офтоби нимӣ

امروز یا برآمد ز ابر آفتاب نیمی

Аз ҳавли он кам уфтад эй боРом аз ту дар гул

از هول آن کم افتد ای بارم از تو در گل

Зон чеҳру лаби саранҷоми афғону ашки ҳосил

زان چهر و لب سرانجام افغان و اشک حاصل

Чун обгуни ақиқат ва он озарин шамоил

چون آبگون عقیقت و آن آذرین شمایل

Аз мавҷи диҷлаи чашми вази тоби шуълаи дил

از موج دجله چشم وز تاب شعله دل

Пайвастаам дар оташи нимӣ дар оби нимӣ

پیوسته ام در آتش نیمی در آب نیمی

Нгзордми сӯии разми хуии баҳонаи ҷӯят

نگذاردم سوی رزم خوی بهانه جویت

Вари рои рухсати оради норади иҷозаи рӯят

ور رای رخصت آرد نارد اجازه رویت

Чун лаъли ғунчаи рангат чун зулфи мшкбўит

چون لعل غنچه رنگت چون زلف مشکبویت

Дорам ҷудои зи рӯяти рўӣии зи дасти хуят

دارم جدا ز رویت روئی ز دست خویت

Ним аз тпончаҳи нилии взхўни хизоби нимӣ

نیم از طپانچه نیلی وزخون خضاب نیمی

Соқӣ агар шаҳодати ҷузи сӯй ӯ нтозм

ساقی اگر شهادت جز سوی او نتازم

Вари хӯни ҳалқи бода аз ӯст баргу созам

ور خون حلق باده از اوست برگ و سازم

Бо ин шаробу соқӣ барадаст агар бибозам

با این شراب و ساقی برد است اگر ببازم

Гар малик ҳар ду кунам бахшад худои созам

گر ملک هر دو کونم بخشد خدای سازم

Нимӣ фидои соқии раҳни шароби нимӣ

نیمی فدای ساقی رهن شراب نیمی

эй мари марои муҳаррам аз талъати ту наврӯз

ای مر مرا محرم از طلعت تو نوروز

Донам нисор фарзаст бар он ҷамоли фирӯз

دانم نثار فرض است بر آن جمال فیروز

Моӣиму қатрае хӯн ваон низ бод ва сад сӯз

مائیم و قطره ای خون وان نیز باد و صد سوز

Яъне зҷони гузаштаи мискини дилии шабу рӯз

یعنی زجان گذشته مسکین دلی شب و روز

Зон чеҳру зулф дар таби нимӣ ба тоби нимӣ

زان چهر و زلف در تب نیمی به تاب نیمی

Болҷмлаҳгар хаёли ин ва онаст агар ҷамолат

بالجمله گر خیال این و آن است اگر جمالت

Дар марг ҳам набарам пайванди хату холат

در مرگ هم نبرم پیوند خط و خالت

Чун чашми худ чу дар хӯн хусбам ба эҳтимолат

چون چشم خود چو در خون خسبم به احتمالت

Байнами магари ҷамолат бо сӯрати хаёлат

بینم مگر جمالت با صورت خیالت

Чашмӣ марост бедори нимӣ ба хоби нимӣ

چشمی مراست بیدار نیمی به خواب نیمی

Ин шаби нигар ки пайванд бо рӯзи ҳашари пайваст

این شب نگر که پیوند با روز حشر پیوست

То бар фарохат боло шуд растхез аз ӯ паст

تا بر فراخت بالا شد رستخیز از او پست

На шаб аз ӯ ба поёни взўӣ на субҳ дар даст

نه شب از او به پایان وزوی نه صبح در دست

Таҳқиқи шоми ҳиҷрони яғмо чаҳ мекунӣ ҳаст

تحقیق شام هجران یغما چه می کنی هست

Аз ним ин қиёмати рӯзи ҳисоби нимӣ

از نیم این قیامت روز حساب نیمی