Сухан гарчи бар вифқ одат нарафт

سخن گرچه بر وفق عادت نرفت

Вале бар хилоф иродат нарафт

ولی بر خلاف ارادت نرفت

Баҳри лафзи дилкаш ки бнгоштм

بهر لفظ دلکش که بنگاشتم

Дарин номаи поси адаби доштам

درین نامه پاس ادب داشتم

зи бадви сухан то ба хатми калом

ز بدو سخن تا به ختم کلام

Набардам ба номрдити ҳеҷ ном

نبردم به نامردیت هیچ نام

Саросар ситудам ба мардонагӣат

سراسر ستودم به مردانگیت

Ҳамаи вонамӯдам ба фарзонагӣат

همه وانمودم به فرزانگیت

Ғалати ман кӣм то сароем сухан

غلط من کیم تا سرایم سخن

Хато кардам эй хоками андари даҳан

خطا کردم ای خاکم اندر دهن

Сухангар писандида вар норавост

سخن گر پسندیده ور نارواست

Ҳикоят агар нағз агар ҷон газ аст

حکایت اگر نغز اگر جان گز است

Магӯ нек ё бад намудем баён

مگو نیک یا بد نمودم بیان

Нагирад касе нукта бар тарҷумон

نگیرد کسی نکته بر ترجمان

Ба гуфтани манам ноӣ ва ноӣӣаст дӯст

به گفتن منم نای و نائی است دوست

Азин парда ҳар нағмаи коид аз ӯст

ازین پرده هر نغمه کآید از اوست

Агар нуктагирӣ ки қойили тўӣӣ

اگر نکته گیری که قایل توئی

зи ваҳдатгароӣ ба нақши дўӣӣ

ز وحدت گرائی به نقش دوئی

Маро низ роҳи сухан танг нест

مرا نیز راه سخن تنگ نیست

Ки худбораи маъзират ланг нест

که خودباره معذرت لنگ نیست

Ту доне ки он неки маҳбӯби ман

تو دانی که آن نیک محبوب من

з ҷавр бидон лаъибати хуби ман

ز جور بدان لعبت خوب من

Ба кунҷӣ нишаста сабуру хмўл

به کنجی نشسته صبور و خمول

Зҷони сайр ва аз зиндагонии малул

زجان سیر و از زندگانی ملول

На ёрӣ ки аз меҳр дил ҷӯядаш

نه یاری که از مهر دل جویدش

зи баҳри тасаллӣ сухан гуядаш

ز بهر تسلی سخن گویدش

Як Эрон ва ҳафтод иқлӣми тарк

یک ایران و هفتاد اقلیم ترک

Бики Юсуфи афтодаи сад гилаи гург

بیک یوسف افتاده صد گله گرگ

Гуҳии гургсораш гиребон даранд

گهی گرگ سارش گریبان درند

Гуҳӣ бегуноҳаш ба зиндон баранд

گهی بی گناهش به زندان برند

Гуҳии бандаи вораш ба молик диҳанд

گهی بنده وارش به مالک دهند

Бар ӯ гоҳи ном ғуломӣ ниҳанд

بر او گاه نام غلامی نهند

Замонии кашандаш ба бозорҳо

زمانی کشندش به بازارها

Диҳандаш ба дасти харидорҳо

دهندش به دست خریدارها

Чунин меҳнати анҷоми охир ки дид

چنین محنت انجام آخر که دید

Мусулмон ва як шаҳри кофар ки дид

مسلمان و یک شهر کافر که دید

Аз он бодаи ман низ мехӯрда ам

از آن باده من نیز می خورده ام

Дар он базми шабҳо ба сар барда ам

در آن بزم شب ها به سر برده ام

Ҳанузам аз он соғари ногувор

هنوزم از آن ساغر ناگوار

Сиррӣ ҳаст ва сад гӯнаи ранҷу хумор

سری هست و صد گونه رنج و خمار

Ҳануз зи оҳанги он созҳо

هنوز ز آهنگ آن سازها

Халали соз мағзаст овозҳо

خلل ساز مغز است آوازها

Ҳанузам зондози он мутрибон

هنوزم زانداز آن مطربان

Нанӯшад ба ҷузи заҳри ҳасрати даҳон

ننوشد به جز زهر حسرت دهان

Ҳанузам зи лотоилоти ъқўр

هنوزم ز لاطایلات عقور

Нагардад ба пиромни дили сарвар

نگردد به پیرامن دل سرور

Накӯ донам одоби он анҷуман

نکو دانم آداب آن انجمن

Ту доне ва лекин ндонӣ чу ман

تو دانی و لیکن ندانی چو من

Баҳри неку бади коиди андари назар

بهر نیک و بد کآید اندر نظر

Ба ҷузи қавли аҳбоби чиз дигар

به جز قول احباب چیز دگر

Нашавед ғубор аз дили дӯстон

نشوید غبار از دل دوستان

зи борон буд хандаи бӯстон

ز باران بود خنده بوستان

Бишуд то дамӣ моҳ канъонем

بشد تا دمی ماه کنعانیم

На Юсуф ки ёқӯб зиндонем

نه یوسف که یعقوب زندانیم

зи зиндону андӯҳи банди гарон

ز زندان و اندوه بند گران

Ба дафтари нгоридми ин достон

به دفتر نگاریدم این داستان

Чу мақсӯди ман шодӣ табъ ӯст

چو مقصود من شادی طبع اوست

Ба табаъият аз табъ бо табъи дӯст

به تبعیت از طبع با طبع دوست

Сарои по буд маҳзи шухии влоғ

سرا پا بود محض شوخی ولاغ

Ки аз ин равиш тоза гардад димоғ

که از این روش تازه گردد دماغ

Ба эзади маро рӯй пархош нест

به ایزد مرا روی پرخاش نیست

Ба тинати дарози хуй ахёш нест

به طینت دراز خوی اخیاش نیست

Хусӯси онкӣ бо чун ту фархундаи дӯст

خصوص آنکه با چون تو فرخنده دوست

Ки рояти писандида хилқат накӯаст

که رایت پسندیده خلقت نکوست

Аҷал то нагирад гиребони ман

اجل تا نگیرد گریبان من

Наёбади халали меҳру паймони ман

نیابد خلل مهر و پیمان من

Ба аҳдӣ ки додам ба дасти ту даст

به عهدی که دادم به دست تو دست

Ҳамаи аҳди ёрони дигари шикаст

همه عهد یاران دیگر شکست

Ба хоки азизон ки то зинда ам

به خاک عزیزان که تا زنده ام

Сегон турои камтарин банда ам

سگان ترا کمترین بنده ام

Смоъили қурбонии роҳи тест

سماعیل قربانی راه تست

Нисо аз канизони даргоҳи тест

نسا از کنیزان درگاه تست

Агар хушки зоҳид нае тар машав

اگر خشک زاهد نه ای تر مشو

Аз ин неки шухӣ мукаддар машав

از این نیک شوخی مکدر مشو

Ба алфози ин нусхаи дили писанд

به الفاظ این نسخه دل پسند

Ки дарҷаст даравии ашорот чанд

که درج است دروی اشارات چند

Нахустин ғами дӯстро чора кун

نخستین غم دوست را چاره کن

Пас онгаҳ бисӯзонаш ё пора кун

پس آنگه بسوزانش یا پاره کن