Ид ҷам шуд эй Фаридуни хуи бути Эрони параст
عیدِ جم شد ای فریدونخو بت ایرانپرست
Мустабидии хуй заҳҳокӣаст ин ху на зи даст
مستبدی خوی ضحاکی است این خو نِهْ ز دست
Ҳолиё каз силаму тӯри Англис ва рӯс ҳаст
حالیا کز سَلْم و تور انگلیس و روس هست
Эраҷи Эрони саропо , дастгиру пои баст
ایرجِ ایران سراپا، دستگیر و پایبست
Ба ки аз роҳи тамаддуни тарк беМеҳрӣ кунӣ
بِهْ که از راهِ تمدن ترک بیمهری کنی
Дар раҳи машрӯтаи иқдом манӯчеҳрӣ кунӣ
در رَهِ مشروطه اقدامِ منوچهری کنی
Ин ҳамон Эрон ки манзилгоҳи Кайковус буд
این همان ایران که منزلگاه کیکاووس بود
Хобгоҳи Дориюшу мأмни Сӣрӯс буд
خوابگاهِ داریوش و مأمنِ سیروس بود
Ҷои золу рустаму Гӯдарзу Геву Тӯс буд
جای زال و رستم و گودرز و گیو و طوس بود
Неи чунин помоли ҷаври Англису рӯс буд
نی چنین پامالِ جورِ انگلیس و روس بود
Ин ҳама аз бе ҳиссии мо буд коФсрдаҳ ем
این همه از بیحسی ما بود کافسردهایم
Мурдагони зинда балки зиндагон мурда ем
مردگانِ زنده بلکه زندگانِ مردهایم
Ин ватани размоварӣ монанди Қоран дида аст
این وطن رزمآوری مانند قارن دیده است
Вақъаи Гаршосбу ҷанги Таҳамтан дида аст
وَقعهٔ گرشاسب و جنگ تَهَمتَن دیده است
Ҳӯшмандии ҳамчуи ҷомосу пшўтн дида аст
هوشمندی همچو جاماس و پَشوتَن دیده است
Шавкати гштосу дорои баҳман дида аст
شوکتِ گشتاس و داراییِ بهمن دیده است
Ҳаргизи ин сон бекас ва беёр беёвар набӯд
هرگز این سان بیکس و بییار بییاور نبود
Ҳеҷ айёмӣ чу акнӯн оҷиз ва музтар набӯд
هیچ ایامی چو اکنون عاجز و مضطر نبود
Ранҷҳои Ардашери Бобакон бар бод рафт
رنجهای اردشیر بابکان بر باد رفت
Заҳмати шопӯри зўолоктоФи ҳол аз ёд рафт
زحمت شاپورِ ذوالاکتاف حال از یاد رفت
Шеваи Нӯшервонии расми адл ва дод рафт
شیوهٔ نوشیروانی رسمِ عدل و داد رفت
Обрӯии хоки мо бар бод истибдод рафт
آبروی خاکِ ما بر بادِ استبداد رفت
Ҳолиё гар бинад Эронро чунин баҳроми гӯр
حالیا گر بیند ایران را چنین بهرام گور
Аз хиҷолат то қиёмати сари буруни норади зи гӯр
از خجالت تا قیامت سر برون نارد ز گور
Охир эй бе шӯри мардуми арақ Эронӣ куҷост ?
آخر ای بیشور مردم عِرقِ ایرانی کجاست؟
Шуд ватан аз даст , ойин мусулмонӣ куҷост ?
شد وطن از دست، آیین مسلمانی کجاست؟
Ҳишмати ҳурмуз чаҳ шуд ? шопӯр сосонӣ куҷост ?
حشمتِ هُرمُز چه شد؟ شاپور ساسانی کجاست؟
Санҷари салҷуқи кӯ ? Мансур сомонӣ куҷост ?
سنجر سلجوق کو؟ منصور سامانی کجاست؟
Ганҷи бодоўр куҷо шуд ? зари дасти Афшори кӯ ?
گنج بادآور کجا شد؟ زر دست افشار کو؟
Савлати хасми афкани нодири шаҳи Афшори кӯ ?
صولتِ خصمافکنِ نادر شَهِ افشار کو؟
эй хуши он рӯзӣ ки Эрон буд чун хулди барин
ای خوش آن روزی که ایران بود چون خُلدِ بَرین
Вусъати ин хоки пок аз рӯм будӣ то ба чин
وسعتِ این خاکِ پاک از روم بودی تا به چین
Бӯда аз ҳайси никуии ҷинат рӯй замин
بوده از حیثِ نکویی جنّتِ روی زمین
Шаҳриёронро бар ин хок аз шараф будӣ ҷабин
شهریاران را بر این خاک از شرف بودی جبین
Лек фарзандон ӯ қадар варо нашнохтанд
لیک فرزندان او قدرِ وُرا نشناختند
Ҷисми покашро лагадкӯб аҷониб сохтанд
جسمِ پاکش را لگدکوبِ اَجانِب ساختند
Шуд зи дасти партии ин мамлакат бебуиу ранг
شد ز دستِ پارتی این مملکت بیبوی و رنگ
Партӣ зад шишаи номӯси Эронро ба санг
پارتی زد شیشهٔ ناموسِ ایران را به سنگ
Партӣ оварад номи неки Эронро ба нанг
پارتی آورد نامِ نیکِ ایران را به ننگ
Партӣ бинмуд моро бандаи аҳли фаранг
پارتی بنمود ما را بندهٔ اهلِ فرنگ
Ин ҳама беҳимматӣ набӯд ҷуз аз аҳли нифоқ
این همه بیهمتی نبود جز از اهل نفاق
Чораи ин дард бечорааст илму иттифоқ
چارهٔ این درد بیچاره است علم و اتفاق
Хоҳӣ аз тавзеҳи олам эй рафиқи ҳам ватан
خواهی از توضیح عالم ای رفیقِ هموطن
Гӯш худ бигушоу тавзеҳот он бишинав зи ман
گوشِ خود بگشا و توضیحات آن بشنو ز من
То нагӯйӣ илм бошад мунҳасир дар лоу лн
تا نگویی علم باشد منحصر در لا و لن
Як фулузии кон мусовӣ ҳаст дар қадари саман
یک فلزی کان مساوی هست در قدرِ ثَمَن
Олами онро мўзру тӯб ва мусалсал ме кунад
عالم آن را موزر و توپ و مسلسل میکند
Ҷоҳили онро сарф хок андоз ва минқал ме кунад
جاهل آن را صرف خاکانداز و منقل میکند
Вари зи ман хоҳии ту ҳасану иттифоқу иттиҳод
ور ز من خواهی تو حسن و اتفاق و اتحاد
Ҷанги жопўнӣу рӯсиро саросари ори ёд
جنگ ژاپونی و روسی را سراسر آر یاد
То бадонеи давлатӣ беқадару ҷоҳӣ бо нажод
تا بدانی دولتی بیقدر و جاهی با نژاد
Хонаи шоҳаншаҳӣ чун рӯсро бар бод дод
خانهٔ شاهنشهی چون روس را بر باد داد
Аҳли жопўн то ба ҳам дигар напайвастанд даст
اهل ژاپون تا به هم دیگر نپیوستند دست
Кӣ тавонистанди рӯсонро диҳанд ин сони шикаст
کی توانستند روسان را دهند این سان شکست
Гар зи боди кибру нор ҷаҳл бартобем рӯй
گر ز باد کبر و نار جهل برتابیم روی
Шояд оби рафтаи ин хок боз ояд ба ҷӯй
شاید آبِ رفتهٔ این خاک باز آید به جوی
Лек бо ин вазъи Эрон мушкиласт ин гуфт вгўӣ
لیک با این وضعِ ایران مشکل است این گفتوگوی
Чун ки мо кардем акнӯн бар ду чизи зишти хуй
چون که ما کردیم اکنون بر دو چیزِ زشت خوی
Нимае аз ҳолати афсурдагӣ бе ҳолатем
نیمهای از حالتِ افسردگی بیحالتیم
Ним дигари кори истибдодёнро олатем
نیمِ دیگر کارِ استبدادیان را آلتیم
Гуҳ ба малики рай ба фармони ҷавонӣ бо шитоб
گَهْ به مُلکِ ری به فرمانِ جوانی با شتاب
Каъбаи омоли миллатро кунем аз бен хароб
کعبهٔ آمالِ ملت را کنیم از بُن خراب
Гоҳи андари язд бо унвони шӯру инқилоб
گاه اندر یزد با عنوان شور و انقلاب
Анҷуман созем ва нандешем аз ин иртикоб
انجمن سازیم و نندیشیم از این ارتکاب
Ғайри мо мардум ки нори ҷаҳлмони афрӯхта
غیر ما مردم که نارِ جَهلِمان افروخته
То ба акнӯн кӣ дар байти алмуқаддаси сӯхта ?
تا به اکنون کی دَرِ بیتالمقدس سوخته؟
Ин ватан дар ҳоли назъу хасмаши андари пеш ва пас
این وطن در حالِ نَزع و خَصمَش اندر پیش و پس
Ваа чаҳ ҳоли назъи ковро нест беш аз як нафас
وَهْ چه حالِ نَزع کاو را نیست بیش از یک نفس
Доруӣ ӯ иттиҳоду ҳиммат мо ҳасту бас
داروی او اتحاد و همتِ ما هست و بس
Лек ин фарёдҳоро кӣ буд фарёдрас
لیک این فریادها را کی بود فریادرس
эй ҳавохоҳони Эрони навбат мардонагӣ аст
ای هواخواهانِ ایران نوبتِ مردانگی است
Пой ғайр омад миёни неи вақти ҷанг хонагӣ аст
پای غیر آمد میان نی وقت جنگِ خانگی است
То ки дар Эрони зи қонӯн асосӣ ҳаст ном
تا که در ایران ز قانونِ اساسی هست نام
То диҳад машрӯтаи озодӣ ба хайли хосу ом
تا دهد مشروطه آزادی به خیلِ خاص و عام
То зи золим май намояди адли салби эҳтиром
تا ز ظالم مینماید عدل سَلبِ احترام
Ҳар замони ин шеър мегӯям паии хатми калом
هر زمان این شعر میگویم پیِ ختمِ کلام
Маҷлиси шӯрои Эрон то абади пояндаи бод
مجلسِ شورای ایران تا ابد پاینده باد
Хусрави машрӯтаи мо то қиёмати зиндаи бод
خسروِ مشروطهٔ ما تا قیامت زنده باد
Худ ту май донеи ним аз шоирони чоплус
خود تو میدانی نِیَم از شاعرانِ چاپلوس
Каз барои сим бинмоем касеро пои бӯс
کز برای سیم بنمایم کسی را پایبوس
ё расонами чархи рейсиро ба чархи обнӯс
یا رسانم چرخ ریسی را به چرخ آبنوس
Ман намегӯям туе даргоҳи ҳиҷои ҳамчуи Тӯс
من نمیگویم تویی درگاه هیجا همچو طوس
Лек гӯямгар ба қонӯни муҷрии қонӯни шӯй
لیک گویم گر به قانون مجریِ قانون شوی
Баҳману Кайхусраву ҷамшеду аФридўни шӯй
بهمن و کیخسرو و جمشید و افریدون شوی