Шаб чу дар бастаму маст аз менобаш кардам
شب چو در بستم و مست از مِیِ نابش کردم
Моҳ агар ҳалқа ба дар кӯфт ҷавобаш кардам
ماه اگر حلقه به در کوفت جوابش کردم
Дидӣ он тарки хтои душмани ҷон буд маро
دیدی آن تُرکِ خَتا دشمن جان بود مرا
Гарчи умрӣ ба хатои дӯст хитобаш кардам
گرچه عمری به خطا دوست خطابش کردم
Манзили мардуми бегона чу шуд хонаи чашм
منزلِ مردمِ بیگانه چو شد خانهٔ چشم
Он қадр гиря намудем ки харобаш кардам
آنقدر گریه نمودم که خرابش کردم
Шарҳи доғи дили парвона чу гуфтам бо шамъ
شرحِ داغِ دلِ پروانه چو گفتم با شمع
Оташӣ дар дилаши афкандам ва обаш кардам
آتشی در دلش افکندم و آبش کردم
Ғарқи хӯн буд ва наме марди зи ҳасрати Фарҳод
غرقِ خون بود و نمیمرد ز حسرت فرهاد
Хондам афсонаи ширин ва ба хобаш кардам
خواندم افسانهٔ شیرین و به خوابش کردم
Дил ки хунобаи ғам буду ҷгргўшаҳи дард
دل که خونابهٔ غم بود و جگرگوشهٔ درد
Бар сари оташи ҷаври ту кабобаш кардам
بر سر آتشِ جورِ تو کبابش کردم
Зиндагӣ кардан ман мурдани тадриҷӣ буд
زندگی کردن من مردن تدریجی بود
Ончӣ ҷон кунад танам , умр ҳисобаш кардам
آنچه جان کَنْد تنم، عمر حسابش کردم