Ҷамоли дайни сари аҳрори рӯзгори ҳасан

جمال دین سر احرار روزگار حسن

Аё ба ҷанби бузургяти саҳни олами хирад

ایا به جنب بزرگیت صحن عالم خرد

Туе ки муншии фармони ту ба дасти нФоз

تویی که منشی فرمان تو به دست نفاذ

Ҳуруфи ҳодиса аз рӯй осмони бистарад

حروف حادثه از روی آسمان بسترد

Ҳар он шумор ки хасми ту аз ҷаҳони бардошт

هر آن شمار که خصم تو از جهان برداشت

Фзлкши нафас чанд буд ҳам башмурд

فذلکش نفس چند بود هم بشمرد

Агар чаҳ пушти маро аз қабули ту гарм аст

اگر چه پشت مرا از قبول تو گرم است

Дилами зи сардии даврони осмони бФсрд

دلم ز سردی دوران آسمان بفسرد

Яке ғам аз дили ман пои боз пас накашид

یکی غم از دل من پای باز پس نکشید

Магари даст ба дасташ ба дайгарӣ биспурад

مگر دست به دستش به دیگری بسپرد

Агар чаҳ ошиқи базми туами гаронии хеш

اگر چه عاشق بزم توام گرانی خویش

Сабки сабк ба карямон наме тавонам барад

سبک سبک به کریمان نمی توانم برد

Марои длисти зи сад гӯнаи дарди моломол

مرا دلیست ز صد گونه درد مالامال

зи лутфи ту сари он дарди рези ҷомии дард

ز لطف تو سر آن درد ریز جامی درد

Ту сояи афкану ингор коФтоб намонад

تو سایه افکن و انگار کافتاب نماند

Ту шоди зӣ ва чунон дон ки рӯзгор бамурд

تو شاد زی و چنان دان که روزگار بمرد