Чу Гӯдарз бинишаст бархест Тӯс

چو گودرز بنشست برخاست طوس

Бишуд пеши хусрав замин дод бӯс

بشد پیش خسرو زمین داد بوس

Бадв гуфт шоҳои анӯшаи бадӣ

بدو گفت شاها انوشه بدی

Ҳамеша зи ту даври дасти бадӣ

همیشه ز تو دور دست بدی

Манам зи ин бузургони Фаридуни нажод

منم ز این بزرگان فریدون نژاد

зи номи оварон то биёмад Қубод

ز نام آوران تا بیامد قباد

Камар бастаам пеши эрониён

کمر بسته‌ام پیش ایرانیان

Ки нгшодм аз банди ҳаргизи миён

که نگشادم از بند هرگز میان

Ба кӯҳи ҳамовани зи ҷавшани танам

به کوه هماون ز جوشن تنم

Бахаст ва ҳамон буд пероҳанам

بخست و همان بود پیراهنم

Ба кини Сиёвуш бар он размгоҳ

به کین سیاوش بر آن رزمگاه

Бидам ҳар шабии посбони сипоҳ

بدم هر شبی پاسبان سپاه

Ба лоўни сипаҳро накардам раҳо

به لاون سپه را نکردم رها

Ҳаме будам андари дами аждаҳо

همی بودم اندر دم اژدها

Ба Мозандарони бастаи Ковӯс буд

به مازندران بسته کاووس بود

Дигар банд бар гардани Тӯс буд

دگر بند بر گردن طوس بود

Накардам сипаҳро ба ҷое яла

نکردم سپه را به جایی یله

На аз ман касе кард ҳаргизи гила

نه از من کسی کرد هرگز گله

Кунун шоҳ сайр омад аз тоҷу ганҷ

کنون شاه سیر آمد از تاج و گنج

Ҳаме бугзарад зи ин сарои сипанҷ

همی بگذرد ز این سرای سپنج

Чаҳ Фрмоидм чист неруии ман

چه فرمایدم چیست نیروی من

Ту донеи ҳунарҳоу оҳӯии ман

تو دانی هنرها و آهوی من

Чунин дод посухи бадви шаҳриёр

چنین داد پاسخ بدو شهریار

Ки бешаст ранҷи ту аз рӯзгор

که بیش است رنج تو از روزگار

Ҳаме бош бо Ковиёнии дирафш

همی باش با کاویانی درفش

Ту бошӣ сипаҳдори зарринаи кафш

تو باشی سپهدار زرینه کفش

Бад-ӣни марзи гетӣ хуросон турост

بدین مرز گیتی خراسان تراست

Аз ин номдорони тан осон турост

از این نامداران تن‌آسان تراست

Нбштнди аҳдӣ бар он ҳам нишон

نبشتند عهدی بر آن هم نشان

Ба пеши бузургони гарданкашон

به پیش بزرگان گردنکشان

Ниҳоданд бар аҳд бар меҳри зар

نهادند بر عهد بر مهر زر

Яке тавқи заррину заррини камар

یکی طوق زرین و زرین کمر

Бадв дод ва кардаш басии офарин

بدو داد و کردش بسی آفرین

Ки аз ту мабодои дилии пари зи кин

که از تو مبادا دلی پر ز کین