Чунон бад ки як рӯзи парвизи шоҳ
چنان بد که یک روز پرویز شاه
Ҳаме орзӯ кард нахчиргоҳ
همی آرزو کرد نخچیرگاه
Биёрост бирасон шоҳаншаҳон
بیاراست برسان شاهنشهان
Ки буданд аз ӯ пештар дар ҷаҳон
که بودند از او پیشتر در جهان
Чу болои сесад ба заррини стом
چو بالای سیصد به زرین ستام
Ббрднд бо хусрави неки ном
ببردند با خسرو نیک نام
Ҳазор ва саду шасти хусрави параст
هزار و صد و شست خسرو پرست
Пиёда ҳаме рафт жўпини бадаст
پیاده همیرفت ژوپین بدست
Ҳазор ва чиҳил чӯб ва шамшер дошт
هزار و چهل چوب و شمشیر داشت
Ки дебоӣ дар бар зира зер дошт
که دیبای در بر زره زیر داشت
Пас андари бадии панҷсад боздор
پس اندر بدی پانصد بازدار
Ҳам аз вошаҳу чрғу шоҳини кор
هم از واشه و چرغ و شاهین کار
Азон пас бирафтанд сесад савор
ازان پس برفتند سیصد سوار
Пас боздорон бо юздор
پس بازداران با یوزدار
Ба занҷири ҳафтод ширўплнг
به زنجیر هفتاد شیروپلنگ
Ба дебои чини андаруни бастаи танг
به دیبای چین اندرون بسته تنگ
Палангон ва шерон омӯхта
پلنگان و شیران آموخته
Ба занҷири заррини даҳани дӯхта
به زنجیر زرین دهن دوخته
Қаллодаи бзри бастаи сад буд саг
قلاده بزر بسته صد بود سگ
Ки дрдшт оҳӯ гирифтӣ бтг
که دردشت آهو گرفتی بتگ
Пас андари зи ромишгарони дуҳазор
پس اندر ز رامشگران دوهزار
Ҳама сохта равад рӯзи шикор
همه ساخته رود روز شکار
Ба зери андаруни ҳарякии уштурӣ
به زیر اندرون هریکی اشتری
Ба сар барниҳода зи зари афсарӣ
به سر برنهاده ز زر افسری
зи курсӣу харгоҳу пардаи сарой
ز کرسی و خرگاه و پرده سرای
Ҳамон хаймау охири чорпоӣ
همان خیمه و آخر چارپای
Шутур буд пеши андаруни панҷсад
شتر بود پیش اندرون پانصد
Ҳама карда он базмро номзад
همه کرده آن بزم را نامزد
зи шоҳони бурнои сесад савор
ز شاهان برنای سیصد سوار
Ҳаме ронад бо номвари шаҳриёр
همیراند با نامور شهریار
Абои ёрау тавқу заррини камар
ابا یاره و طوق و زرین کمر
Баҳри муҳрае дар нишондаи гуҳар
بهر مهرهای در نشانده گهر
Дусади барда томҷмр афрӯхтанд
دوصد برده تامجمر افروختند
Бирав авду анбар ҳаме сӯхтанд
برو عود و عنبر همیسوختند
Дусади марди бурнои Фрмонброн
دوصد مرد برنای فرمانبران
Абои ҳарякии наргису заъфарон
ابا هریکی نرگس و زعفران
Ҳамаи пеши бурданд то боди буи
همه پیش بردند تا باد بوی
Чу ояд з ҳар сӯи расонади бадавӣ
چو آید ز هر سو رساند بدوی
Ҳамаи пеши онкас ки бо буии хуш
همه پیش آنکس که با بوی خوش
Ҳаме рафт бо машки сад обкаш
همیرفت با مشک صد آبکش
Ки то новирди ногаҳони гирди бод
که تا ناورد ناگهان گرد باد
Нишонд барон шоҳи фаррухи нажод
نشاند بران شاه فرخ نژاد
Чу бишунид ширин ки омад сипоҳ
چو بشنید شیرین که آمد سپاه
Ба пеши сипоҳи он ҷаҳондори шоҳ
به پیش سپاه آن جهاندار شاه
Яке зарди пероҳани машки буи
یکی زرد پیراهن مشک بوی
Бапушед ва глноргўн кард рӯй
بپوشید و گلنارگون کرد روی
Яке аз буриши сурхи дебои рӯм
یکی از برش سرخ دیبای روم
Ҳамаи пайкараши гавҳару зари бум
همه پیکرش گوهر و زر بوم
Ба сар барниҳод афсари хусравӣ
به سر بر، نهاد افسر خسروی
Нигориши ҳамаи пайкари пҳлўоӣ
نگارش همه پیکر پهلوی
Аз айвони хусрави баромади ббом
از ایوان خسرو برآمد ببام
Ба рӯз ҷавонӣ набад шодком
به روز جوانی نبد شادکام
Ҳаме буд тохсрў онҷо расед
همیبود تاخسرو آنجا رسید
Сиришкаши зи мижгони брхи брчкид
سرشکش ز مژگان به رخ برچکید
Чу рӯй варо дид барпоӣ хост
چو روی ورا دید برپای خاست
Ба парвиз бинмуд болои рост
به پرویز بنمود بالای راست
Забон кард гуё бширин сухан
زبان کرد گویا بشیرین سخن
Ҳаме гуфт зон рӯзгори куҳан
همیگفت زان روزگار کهن
Ба наргиси гулу арғавонро бишуст
به نرگس گل و ارغوان را بشست
Ки бемори бади наргиси вгли дуруст
که بیمار بد نرگس وگل درست
Бидон обдорӣ ва он некӯӣ
بدان آبداری و آن نیکوی
Забон тез бикшод брпҳлўӣ
زبان تیز بگشاد برپهلوی
Ки тҳмои ҳжброи сипаҳбади тно
که تهما هژبرا سپهبد تنا
Хуҷастаи киёи гирди широўжно
خجسته کیا گرد شیراوژنا
Куҷои он ҳамаи меҳру хунини сиришк
کجا آن همه مهر و خونین سرشک
Ки дидори ширини бад ӯро пизишк
که دیدار شیرین بد او را پزشک
Куҷои он ҳамаи рӯз кардан ба шаб
کجا آن همه روز کردن به شب
Дилу дидаи гирёну хандони ду лаб
دل و دیده گریان و خندان دو لب
Куҷои он ҳамаи банду пиўндмо
کجا آن همه بند و پیوندما
Куҷои он ҳамаи аҳду савганди мо
کجا آن همه عهد و سوگند ما
Ҳаме гуфт вази дидаи хуноби зард
همیگفت وز دیده خوناب زرد
Ҳамеи рехти барҷомаи ложвард
همیریخت برجامهٔ لاژورد
Ба чашм андар оварад зу хусрави об
به چشم اندر آورد زو خسرو آب
Ба зардии Рахши гашт чун офтоб
به زردی رخش گشت چون آفتاب
Фиристод болои заррини стом
فرستاد بالای زرین ستام
зи рӯмии чиҳил ходими неки ном
ز رومی چهل خادم نیک نام
Ки ӯро ба мшкўӣ заррин баранд
که او را به مشکوی زرین برند
Сӯии хонаи гавҳар огӣн баранд
سوی خانهٔ گوهر آگین برند
Азон ҷойгаҳ шуд ба дашти шикор
ازان جایگه شد به دشت شکار
Абои бодаи вуруд ва бо мегусор
ابا باده ورود و با میگسار
Чу аз кӯҳи вази дашти бардошти баҳр
چو از کوه وز دشت برداشت بهر
Ҳаме рафт шодии кунони сӯии шаҳр
همیرفت شادی کنان سوی شهر
Бибастанд озини бшҳр ва ба роҳ
ببستند آذین بشهر و به راه
Ки шоҳ омад аз дашти нахчиргоҳ
که شاه آمد از دشت نخچیرگاه
з нолидани буқу бонги сурӯд
ز نالیدن بوق و بانگ سرود
Ҳавои гашти зи овоз бетору пуд
هوا گشت ز آواز بیتار و پود
Чунон хусравии брзу шохи баланд
چنان خسروی برز و شاخ بلند
зи дашт андар омад ба кохи баланд
ز دشت اندر آمد به کاخ بلند
зи мшкўӣ ширин биёмад буриш
ز مشکوی شیرین بیامد برش
Бабўсед пойу замину буриш
ببوسید پای و زمین و برش
Ба мӯбад чунин гуфт шоҳи он замон
به موبد چنین گفت شاه آن زمان
Ки бар мо мабар ҷуз ба некии гумон
که بر ما مبر جز به نیکی گمان
Марин хуби рухро ба хусрав диҳед
مرین خوب رخ را به خسرو دهید
Ҷаҳонро бад-ӣни мужда нав диҳед
جهان را بدین مژدهٔ نو دهید
Мар ӯро ба ойини пешии бхўост
مر او را به آیین پیشی بخواست
Ки он расму ойини бади онгоҳи рост
که آن رسم و آیین بد آنگاه راست