Сӯфӣ ар бода ба андоза хӯрд нӯшаши бод
صوفی ار باده به اندازه خورَد نوشش باد
Вар на андешаи ин кори фаромӯшаши бод
ور نه اندیشهٔ این کار فراموشش باد
Он ки як ҷуръа май аз даст тавонад додан
آن که یک جرعه مِی از دست توانَد دادن
Даст бо шоҳиди мақсӯд дар оғӯшаши бод
دست با شاهدِ مقصود در آغوشش باد
Пер мо гуфт хато бар қалам сунъ нарафт
پیرِ ما گفت خطا بر قلم صُنع نرفت
Офарин бар назари поки хатопӯшаши бод
آفرین بر نظرِ پاکِ خطاپوشَش باد
Шоҳи таркони сухани муддаӣон май шунӯд
شاهِ تُرکان، سخنِ مدعیان میشِنَوَد
Шармӣ аз мзлмаҳи хӯни Сиёвушаши бод
شرمی از مَظلَمِهٔ خونِ سیاوشش باد
Гарчи аз кибри сухан бо ман дарвеш нагуфт
گر چه از کِبر، سخن با منِ درویش نگفت
Ҷони фидои шаккарини пистаи хомӯшаши бод
جان فدایِ شِکَرینپستهٔ خاموشش باد
Чашмам аз оинаи дорони хату холаши гашт
چشمم از آینهدارانِ خط و خالش گشت
Лабам аз бӯсаи рибоён бару дӯшаши бод
لبم از بوسهرُبایانِ بَر و دوشش باد
Наргиси маст навозиш кун мардуми дораш
نرگسِ مست نوازشکُنِ مردمدارَش
Хӯни ошиқ ба қадаҳ гар бихӯрад нӯшаши бод
خونِ عاشق به قدح گر بِخورد نوشش باد
Ба ғуломии ту машҳур ҷаҳон шуд ҳофиз
به غلامیِ تو مشهورِ جهان شد حافظ
Ҳалқаи бандагии зулфи ту дар гӯшаши бод
حلقهٔ بندگیِ زلفِ تو در گوشش باد