эй авҷи саодат ба дом мо уфтад
همایِ اوجِ سعادت به دامِ ما افتد
Агар туро гузарӣ бар мақом мо уфтад
اگر تو را گذری بر مقام ما افتد
Ҳубоби вори барандозам аз нишоти кулоҳ
حبابوار براندازم از نشاط کلاه
Агар з рӯй ту аксӣ ба ҷом мо уфтад
اگر ز رویِ تو عکسی به جامِ ما افتد
Шабӣ ки моҳи мурод аз уфуқ шавад толеъ
شبی که ماهِ مراد از افق شود طالع
Буд ки партави нурӣ ба бом мо уфтад
بُوَد که پرتوِ نوری به بامِ ما افتد
Ба боргоҳи ту чун бодро набошад бор
به بارگاهِ تو چون باد را نباشد بار
Кӣ иттифоқи маҷоли салом мо уфтад
کی اتفاقِ مجالِ سلامِ ما افتد؟
Чу ҷони фидоӣ лабаш шуд хаёл май бастам
چو جان فدای لبش شد خیال میبستم
Ки қатрае зи зулолаш ба ком мо уфтад
که قطرهای ز زلالش به کامِ ما افتد
Хаёли зулфи ту гуфто ки ҷони василаи мсоз
خیالِ زلفِ تو گفتا که جان وسیله مساز
Каз ин шикор , фаровон ба дом мо уфтад
کز این شکار، فراوان به دامِ ما افتد
Ба ноумедӣ аз ин дар Марв , бизан фолӣ
به ناامیدی از این در مرو، بزن فالی
Буд ки қуръаи давлат ба ном мо уфтад
بُوَد که قرعهٔ دولت به نامِ ما افتد
зи хоки кӯии ту ҳар гуҳ ки дам занад ҳофиз
ز خاکِ کوی تو هر گَه که دَم زند حافظ
Насими гулшани ҷон дар машом мо уфтад
نسیمِ گلشن جان در مشامِ ما افتد