Бутӣ дорам ки гирди гули зи сунбули соя бон дорад
بتی دارم که گِرد گل ز سُنبل سایهبان دارد
Баҳори оризаши хаттӣ ба хӯн арғавон дорад
بهارِ عارضش خطّی به خونِ ارغوان دارد
Ғубор хат бпушонед хуршеди Рахш ё раб
غبارِ خط بپوشانید خورشیدِ رُخَش یا رب
Бақои ҷовдонаши даҳ , ки ҳасан ҷовдон дорад
بقایِ جاودانش ده، که حُسنِ جاودان دارد
Чу ошиқ мешудам гуфтам ки барадами гавҳари мақсӯд
چو عاشق میشدم گفتم که بُردم گوهرِ مقصود
Надонистам ки ин дарё чаҳ мавҷ хӯн фишон дорад
ندانستم که این دریا چه موجِ خونفشان دارد
зи чашмат ҷон нишоед барад каз ҳар сӯ ки май байнам
ز چشمت جان نشاید بُرد کز هر سو که میبینم
Камӣн аз гӯша Эй карда сету тири андар камон дорад
کمین از گوشهای کردهست و تیر اندر کمان دارد
Чу дом турра ифшоанд зи гирди хотири ушшоқ
چو دامِ طُرِّه افشاند ز گَردِ خاطرِ عشاق
Ба ғаммоз сабо гуяд ки рози мо ниҳон дорад
به غَمّازِ صبا گوید که راِزِ ما نهان دارد
Биафшон ҷуръае бар хоку ҳоли аҳл дил бишинав
بیفشان جرعهای بر خاک و حالِ اهلِ دل بشنو
Ки аз ҷамшеду Кайхусрав , фаровон достон дорад
که از جمشید و کیخسرو، فراوان داستان دارد
Чу дар рӯяти бихандади гул , машав дар домаш эй булбул
چو در رویت بخندد گُل، مشو در دامَش ای بلبل
Ки бар гул эътимодӣ нест ,гар ҳасан ҷаҳон дорад
که بر گُل اعتمادی نیست، گر حُسنِ جهان دارد
Худоро , дод ман бустон аз ӯ эй шаҳнаи маҷлис
خدا را، دادِ من بِسْتان از او ای شِحنهٔ مجلس
Ки май бо дайгарии хӯрдаи сет ва бо ман сар гарон дорад
که می با دیگری خوردهست و با من سر گِران دارد
Ба фитрок ар ҳамеи бандии худоро зуд сайдам кун
به فِتراک ار همیبندی خدا را زود صیدم کن
Ки офатҳост дар таъхиру толибро зиён дорад
که آفتهاست در تأخیر و طالب را زیان دارد
зи сарви қад дилҷӯят макун маҳрӯми чашмам ро
ز سروِ قَدِّ دلجویت مکن محروم چشمم را
Бад-ӣни сарчашма аш бинишон ки хуши обӣ равон дорад
بدین سرچشمهاش بِنْشان که خوش آبی روان دارد
зи хавфи ҳиҷрам эмин кун агар умеди он дорӣ
ز خوفِ هجرم ایمن کن اگر امّیدِ آن داری
Ки аз чашми бидонадишони худоят дар амон дорад
که از چشمِ بداندیشان خدایت در امان دارد
Чаҳ узри бахт худ гӯям ? ки он айёри шаҳрошӯб
چه عذرِ بختِ خود گویم؟ که آن عیّار شهرآشوب
Ба талхии кишти ҳофизроу шукр дар даҳон дорад
به تلخی کُشت حافظ را و شِکَّر در دهان دارد