Он ки аз сунбул ӯ , ғолия тобӣ дорад
آن که از سُنبُلِ او، غالیه تابی دارد
Боз бо длшдгони ноз ва итобӣ дорад
باز با دلشدگان ناز و عِتابی دارد
Аз сари куштаи худ май гузарӣ ҳамчун бод
از سَرِ کُشتهٔ خود میگذری همچون باد
Чаҳ тавон кард ? ки умраст ва шитобӣ дорад
چه توان کرد؟ که عمر است و شتابی دارد
Моҳи хуршеди намоиши зи пас пардаи зулф
ماهِ خورشید نُمایَش ز پسِ پردهٔ زلف
Офтобӣаст ки дар пеш саҳобй дорад
آفتابیست که در پیش سَحابی دارد
Чашм ман кард ба ҳар гӯшаи равони сайли сиришк
چشمِ من کرد به هر گوشه روان سیلِ سرشک
То сеӣ сарви туро тозатар обӣ дорад
تا سَهی سَروِ تو را تازهتر آبی دارد
Ғамзаи шӯхи ту хӯнам ба хато май резад
غمزهٔ شوخِ تو خونم به خطا میریزد
Фурсаташи бод ки хуши фикр савобӣ дорад
فرصتش باد که خوش فکر صوابی دارد
Оби ҳайвон агар инаст ки дорад лаби дӯст
آب حَیوان اگر این است که دارد لبِ دوست
Равшанаст ин ки Хизри баҳра саробӣ дорад
روشن است این که خِضِر بهره سرابی دارد
Чашми махмур ту дорад зи дилами қасди ҷигар
چشمِ مخمورِ تو دارد ز دلم قصدِ جگر
Тарк мастаст магари майл кабобӣ дорад
تُرک مست است مگر میلِ کبابی دارد
Ҷони бемор маро нест зи ту рӯй савол
جانِ بیمارِ مرا نیست ز تو روی سؤال
эй хуши он хаста ки аз дӯст ҷавобӣ дорад
ای خوش آن خسته که از دوست جوابی دارد
Кӣ кунад сӯии дили хастаи ҳофизи назарӣ
کِی کُنَد سویِ دلِ خستهٔ حافظ نظری
Чашми масташ ки ба ҳар гӯша харобӣ дорад
چشمِ مستش که به هر گوشه خرابی دارد