Нест дар шаҳри нигорӣ ки дили мо бабрад
نیست دَر شهر نگاری که دلِ ما بِبَرَد
Бахтам ар ёр шавад рахтам аз ин ҷои бабрад
بختم اَر یار شَوَد رَختَم از این جا بِبَرَد
Кӯи ҳарифии каши сармаст ки пеши карамаш
کو حریفی کَشِ سَرمَست که پیشِ کَرَمَش
Ошиқи сӯхтаи дили номи таманнои бабрад
عاشقِ سوختهدل، نامِ تَمَنا بِبَرَد
Боғбонои зи хазон бехабарат май байнам
باغبانا زِ خَزان، بیخَبَرَت میبینم
Оҳ аз он рӯз ки бодати гули раънои бабрад
آه از آن روز که بادَت گُلِ رَعنا بِبَرَد
Раҳзан даҳр нахуфта сет машав эмин аз ӯ
رَهزنِ دَهر نَخفتهست، مَشو ایمن از او
Агар имрӯз набарда сет ки фардои бабрад
اگر امروز نَبُردهست که فردا بِبَرَد
Дар хаёли ин ҳамаи лаъибат ба ҳавас май бозам
در خیال، این هَمه لُعبَت به هَوَس میبازَم
Бӯ ки соҳиби назарии номи тамошои бабрад
بو که صاحبنَظَری نامِ تماشا بِبَرَد
Илму фазлӣ ки ба чли соли дилам ҷамъ оварад
عِلم و فَضلی که به چِل سال دلَم جمع آورد
Тарсами он наргиси мастона ба яғмои бабрад
تَرسَم آن نَرگسِ مَستانه به یَغما بِبَرَد
Бонги говӣ чаҳ садои боздиҳад ? ишваи мхр
بانگِ گاوی، چه صدا باز دَهَد؟ عِشوه مَخَر
Сомрӣ кист ки даст аз яди Байзои бабрад ?
سامری کیست که دَست از یَدِ بیضا بِبَرَد؟
Ҷоми миное май сади раҳи танги длист
جامِ میناییِ مِی، سَدِ رَهِ تَنگدِلیست
Манеҳ аз даст ки сайли ғамат аз ҷои бабрад
مَنِه از دَست که سیلِ غَمَت از جا بِبَرَد
Роҳи ишқ ар чаҳ камӣнгоҳ камондорон аст
راهِ عشق اَر چه کمینگاهِ کَمانداران اَست
Ҳар ки дониста равад сарфаи зи аъдои бабрад
هر که دانسته رَوَد صَرفه زِ اعدا بِبَرَد
Ҳофиз ! ар ҷони талабади ғамзаи мастонаи ёр
حافظ! اَر جان طَلَبَد غَمزهٔ مَستانهٔ یار
Хона аз ғайр бипардозу бҳл то бабрад
خانه از غیر بِپَرداز و بِهِل تا بِبَرَد