Дамӣ бо ғам ба сари бурдани ҷаҳони як сар наме арзад
دَمی با غم به سر بردن، جهان یک سر نمیارزد
Ба мебифурӯш далқи мо каз ин беҳтар наме арзад
به می بفروش دلقِ ما، کز این بهتر نمیارزد
Ба кӯй май фурушонаш ба ҷомӣ бар наме гиранд
به کویِ می فروشانش، به جامی بر نمیگیرند
Зиҳии саҷҷодаи тақво ки як соғар наме арзад
زهی سجادهٔ تقوا که یک ساغر نمیارزد
Рақибами сарзаниш ҳо кард каз ин боб рух бартоб
رقیبم سرزنشها کرد کز این باب رُخ برتاب
Чаҳ афтод ин сари моро ки хок дар наме арзад ?
چه افتاد این سر ما را که خاکِ در نمیارزد؟
Шикваи тоҷи султонӣ ки бими ҷон дар ӯ дарҷ аст
شکوهِ تاجِ سلطانی که بیمِ جان در او دَرج است
Кулоҳӣ дилкашаст аммо ба тарки сар наме арзад
کلاهی دلکش است اما به تَرکِ سر نمیارزد
Чаҳ осон менамӯд аввали ғами дарё ба буии суд
چه آسان مینمود اول غمِ دریا به بوی سود
Ғалат кардам ки ин тӯфон ба сад гавҳар наме арзад
غلط کردم که این طوفان به صد گوهر نمیارزد
Туро он ба ки рӯй худ з муштоқон бапушоне
تو را آن بِهْ که رویِ خود ز مشتاقان بپوشانی
Ки шодии ҷаҳонгирӣ , ғами лашкар наме арзад
که شادیِّ جهانگیری، غمِ لشکر نمیارزد
Чу ҳофиз дар қаноат кӯш ва аз дунёӣ дун бигузар
چو حافظ در قناعت کوش و از دنیایِ دون بگذر
Ки як ҷӯи миннати дунони ду сад ман зар наме арзад
که یک جو مِنَّتِ دونان دو صد من زر نمیارزد