Саҳар чун хусрави ховари илм бар кӯҳсорон зад
سحر چون خسرو خاور، عَلَم بر کوهساران زد
Ба дасти марҳамати ёрам дар умедворон зад
به دستِ مرحمت، یارم، درِ امیدواران زد
Чу пеши субҳ равшан шуд ки ҳоли меҳр гардун чист
چو پیشِ صبح روشن شد که حالِ مِهر گردون چیست
Баромади хандае хуш бар ғурур комгорон зад
برآمد خندهای خوش بر غرورِ کامگاران زد
Нигорам дӯш дар маҷлис ба азми рақс чун бархест
نگارم دوش در مجلس، به عزمِ رقص چون برخاست
Гиреҳ багушӯд аз абрӯ ва бар дилҳои ёрон зад
گره بگشود از گیسو و بر دلهای یاران زد
Ман аз ранги салоҳи он дам ба хӯн дил бишустам даст
من از رنگِ صلاح آن دَم، به خونِ دل بِشُستم دست
Ки чашми бодаи паймоиши сало бар ҳӯшёрон зад
که چشم باده پیمایش صلا بر هوشیاران زد
Кадоми оҳани дилаши омухти ин ойини айёрӣ
کدام آهندلش آموخت این آیین عیّاری؟
Каз аввал чун бурун омад раҳи шаби зинда дорон зад
کز اول چون برون آمد، رهِ شبزندهداران زد
Хаёли шаҳсавории пухт ва шуд ногуҳи дили мискин
خیالِ شهسواری پخت و شد ناگَه دلِ مسکین
Худовандо нигаҳи дораш ки бар қалб саворон зад
خداوندا! نگه دارش که بر قلبِ سواران زد
Дар обу ранги рухсораш чаҳ ҷони додем ва хӯн хӯрдем
در آب و رنگِ رخسارش، چه جان دادیم و خون خوردیم
Чу нақшаш даст дод аввал , рақам бар ҷон сипорон зад
چو نقشش دست داد اول، رقم بر جانسپاران زد
Маниш бо хирқаи пашмин куҷои андари каманди орм
منش با خرقهٔ پشمین، کجا اندر کمند آرم؟
Зираи мӯе ки мижгонаши раҳ хнҷргзорон зад
زرهمویی که مژگانش رهِ خنجرگزاران زد
Назар бар қуръаи тавфиқу Ямани давлат шоҳ аст
نظر بر قرعهٔ توفیق و یُمنِ دولتِ شاه است
Бидиҳ коми дили ҳофиз ки фол Бахтиёрон зад
بده کامِ دلِ حافظ که فالِ بختیاران زد
Шаҳаншоҳи Музаффари фари шуҷоъи малику дайни Мансур
شهنشاهِ مظفر فر، شجاعِ مُلک و دین منصور
Ки ҷӯад бе дареғаши ханда бар абр баҳорон зад
که جودِ بیدریغش خنده بر ابر بهاران زد
Аз он соъат ки ҷом май ба даст ӯ мушарраф шуд
از آن ساعت که جامِ می به دستِ او مُشَرَّف شد
Замонаи соғари шодӣ ба ёд мигсорон зад
زمانه ساغرِ شادی به یادِ میگساران زد
зи шамшери сроФшонши зафари он рӯз бадарахшед
ز شمشیرِ سرافشانش، ظفر آن روز بِدْرَخشید
Ки чун хуршеди анҷуми сӯз танҳо бар ҳазорон зад
که چون خورشیدِ انجمسوز تنها بر هِزاران زد
Давоми умру малик ӯ бихоҳ аз лутфи ҳақ эй дил
دوامِ عمر و مُلکِ او، بخواه از لطف حق ای دل!
Ки чархи ин сиккаи давлат ба давр рӯзгорон зад
که چرخ، این سکهٔ دولت به دورِ روزگاران زد