Ҳар киро бо хати сабзати сар савдо бошад
هر که را با خطِ سبزت سرِ سودا باشد
Пой аз ин доира берун наниҳад то бошад
پای از این دایره بیرون نَنِهَد تا باشد
Ман чу аз хоки лаҳади лола сифат бархезам
من چو از خاکِ لحد لالهصفت برخیزم
Доғи савдои туами сар сувидо бошад
داغِ سودای توام سِرِّ سُویدا باشد
Ту худ эй гавҳари як донаи куҷоеи охир
تو خود ای گوهرِ یکدانه کجایی آخِر
Каз ғамати дидаи мардуми ҳама дарё бошад
کز غمت دیدهٔ مردم همه دریا باشد
Аз бен ҳар мижаам об равонаст биё
از بُنِ هر مژهام آب روان است بیا
Агарат майли лаби ҷӯй ва тамошо бошад
اگرت میلِ لبِ جوی و تماشا باشد
Чун гул ва май дамӣ аз пардаи буруни ойу дро
چون گل و مِی دمی از پرده برون آی و درآ
Ки дигарбораи мулоқот на пайдо бошад
که دگرباره ملاقات نه پیدا باشد
Зилли ммдўди хами зулфи туам бар сари бод
ظِلِّ مَمدودِ خَمِ زلفِ توام بر سر باد
Кандар ин сояи қарори дил шайдо бошад
کاندر این سایه قرارِ دلِ شیدا باشد
Чашмат аз ноз ба ҳофиз накунад майли оре
چشمت از ناز به حافظ نکند میل آری
Саргаронии сифати наргис раъно бошад
سرگرانی صفتِ نرگسِ رعنا باشد