Хамӣ ки абрӯии шӯхи ту дар камони андохт
خَمی که ابرویِ شوخِ تو در کمان انداخت
Ба қасди ҷони ман зори нотавони андохт
به قصد جانِ منِ زارِ ناتوان انداخت
Набӯд нақши ду олам , ки ранги улфат буд
نبود نقش دو عالَم، که رنگ الفت بود
Замонаи тарҳи муҳаббат , на ин замони андохт
زمانه طرح محبّت، نه این زمان انداخت
Ба як киришма ки наргис ба худфурӯшӣ кард
به یک کرشمه که نرگس به خودفروشی کرد
Фиреби чашми ту сад фитна дар ҷаҳони андохт
فریبِ چشمِ تو صد فتنه در جهان انداخت
Шароби хӯрда ва хуй карда май рӯй ба чаман
شرابخورده و خِویکرده میرَوی به چمن
Ки об рӯй ту оташ дар арғавони андохт
که آبِ روی تو آتش در ارغوان انداخت
Ба базмгоҳи чаман , дӯш , маст , бигузаштам
به بزمگاهِ چمن، دوش، مست، بگذشتم
Чу аз даҳони туами ғунча дар гумони андохт
چو از دهانِ تواَم غنچه در گُمان انداخت
Бунафшаи турраи мафтӯли худ гиреҳ ме зад
بنفشه طُرِّهٔ مفتول خود گره میزد
Сабои ҳикояти зулфи ту дар миёни андохт
صبا حکایتِ زلفِ تو در میان انداخت
зи шарми он ки ба рӯй ту нисбаташ кардам
ز شَرمِ آن که به روی تو نسبتش کردم
Саман ба дасти сабо , хок дар даҳони андохт
سمن به دستِ صبا، خاک در دهان انداخت
Ман аз вараъ , майу мутриби ндидмии зини пеш
من از ورع، مِی و مطرب ندیدمی زین پیش
Ҳавои мғбчгонм дар ин ва он андохт
هوای مغبچگانم در این و آن انداخت
Кунун ба об май лаъл , хирқа ме шавем
کنون به آبِ میِ لعل، خرقه میشویَم
Насибаи азал аз худ наме тавон андохт
نصیبهٔ ازل از خود نمیتوان انداخت
Магари гушоиши ҳофиз дар ин харобӣ буд
مگر گشایشِ حافظ در این خرابی بود
Ки бахшиши азалаш , дар май Муғони андохт
که بخششِ ازلش، در میِ مغان انداخت
Ҷаҳон ба коми ман акнӯн шавад ки даври замон
جهان به کامِ من اکنون شود که دورِ زمان
Маро ба бандагии хоҷаи ҷаҳони андохт
مرا به بندگیِ خواجهٔ جهان انداخت