Кӣ шеъртар ангезади хотир ки ҳазин бошад
کِی شعر تر انگیزد خاطر که حزین باشد
Як нукта аз ин маънии гуфтем ва ҳамин бошад
یک نکته از این معنی گفتیم و همین باشد
Аз лаъли ту гар ёбам ангуштарии зинҳор
از لعلِ تو گر یابم انگشتریِ زنهار
Сад малики сулаймонам дар зер нигин бошад
صد مُلکِ سلیمانم در زیرِ نگین باشد
Ғамнок набояд буд аз таъни ҳасуд эй дил
غمناک نباید بود از طعنِ حسود ای دل
Шояд ки чу вобинии хайри ту дар ин бошад
شاید که چو وابینی خیرِ تو در این باشد
Ҳар ков накунад фаҳмии зини калаки хаёли ангез
هر کهاو نَکُنَد فهمی زین کِلکِ خیالانگیز
Нақшаш ба ҳаром ар худ суратгар чин бошад
نقشش به حرام اَر خود صورتگر چین باشد
Ҷом майу хӯни дил ҳар як ба касе доданд
جامِ میْ و خونِ دل هر یک به کسی دادند
Дар доираи қисмати авзоъ чунин бошад
در دایرهٔ قسمت اوضاع چنین باشد
Дар кори гулобу гули ҳукми азалии ин буд
در کارِ گلاب و گل حکمِ ازلی این بود
Кин шоҳиди бозорӣ ваон парда нишин бошад
کهاین شاهدِ بازاری وآن پردهنشین باشد
Он нест ки ҳофизро риндӣ бишуд аз хотир
آن نیست که حافظ را رِندی بِشُد از خاطر
ки ин собиқаи пешин то рӯз пасин бошад
کهاین سابقهٔ پیشین تا روزِ پَسین باشد