Ситора Эй бадарахшеду моҳ маҷлис шуд

ستاره‌ای بدرخشید و ماهِ مجلس شد

Дили рамидаи моро рафиқ ва мӯнис шуд

دل رمیدهٔ ما را رفیق و مونس شد

Нигор ман ки ба мактаб нарафт ва хат нанавишт

نگارِ من که به مکتب نرفت و خط ننوشت

Ба ғамза масъала омӯз сад мударрис шуд

به غمزه مسأله‌آموزِ صد مُدَرِّس شد

Ба буи ӯ дили бемори ошиқон чу сабо

به بویِ او دلِ بیمارِ عاشقان چو صبا

Фидои оризи насрину чашм наргис шуд

فدایِ عارضِ نسرین و چشمِ نرگس شد

Ба садр мстбаҳам май нишонд акнӯн дӯст

به صدرِ مَصطَبه‌ام می‌نِشانَد اکنون دوست

Гадои шаҳр нигаҳ кун ки мейр маҷлис шуд

گدایِ شهر نِگَه کُن که میرِ مجلس شد

Хаёли оби Хизри басту ҷоми Искандар

خیالِ آبِ خِضِر بست و جامِ اسکندر

Ба ҷуръаи нӯшии султон абўолФўорс шуд

به جرعه‌نوشیِ سلطان ابوالفَوارِس شد

Тараби сарои муҳаббат кунун шавад маъмур

طرب‌سرایِ محبت کنون شود مَعمور

Ки тоқи абрӯии ёри маниш муҳандис шуд

که طاقِ اَبرویِ یارِ مَنَش مهندس شد

Лаб аз тарашшӯҳ мепок кун барои худо

لب از تَرَشُّحِ مِی پاک کن برایِ خدا

Ки хотирам ба ҳазорон гунаҳ мўсўс шуд

که خاطرم به هزاران گُنَه مُوَسوِس شد

Киришмаи ту шаробӣ ба ошиқони паймӯд

کرشمهٔ تو شرابی به عاشقان پیمود

Ки илм бехабар афтоду ақл беҳис шуд

که عِلم بی‌خبر افتاد و عقل بی‌حس شد

Чу зари азиз вуҷӯдаст назми ман , оре

چو زر عزیزِ وجود است نظمِ من، آری

Қабули давлатёни кимиёии ин мис шуд

قبولِ دولتیان کیمیایِ این مس شد

зи роҳи майкадаи ёрони Аннани бгрдонид

ز راهِ میکده یاران عِنان بگردانید

Чаро ки ҳофиз аз ин роҳ рафт ва муфлис шуд

چرا که حافظ از این راه رفت و مفلس شد

Хониш
ғзл шморҳ 167 — фрӣдвн фрҳ ондвз
ғзл шморҳ 167 — сҳӣл қосмӣ
ғзл шморҳ 167 — мҳсн лӣлҳ квҳӣ
ғзл шморҳ 167 — м. крӣмӣ
ғзл шморҳ 167 — фотмҳ зндӣ
ғзл шморҳ 167 — прӣ соткнӣ ъндлӣб
ғзл шморҳ 167 — фрӣбо ълвмӣ ӣздӣ
ғзл шморҳ 167 — офшӣн оҳмдӣ
ғзл шморҳ 167 — мрӣм фқӣҳӣ кӣо
ғзл шморҳ 167 — оҳсон ҳлоҷ
ғзл шморҳ 167 — нознӣн бозӣон