Зоҳид хилват нишин , дӯш ба мехона шуд
زاهدِ خلوتنشین، دوش به مِیخانه شد
Аз сар паймон бирафт , бо сар паймона шуд
از سرِ پیمان بِرَفت، با سرِ پیمانه شد
Сӯфии маҷлис ки дай , ҷому қадаҳ май шикаст
صوفیِ مجلس که دی، جام و قدح میشکست
Боз ба як ҷуръа май , оқил ва фарзона шуд
باز به یک جرعه می، عاقل و فرزانه شد
Шоҳиди аҳди шабоб , омада будаш ба хоб
شاهدِ عهدِ شباب، آمده بودش به خواب
Боз ба перонаи сар , ошиқ ва девона шуд
باز به پیرانهسر، عاشق و دیوانه شد
Мғбчаҳ эй май гузашт , роҳи зани дайну дил
مُغْبَچهای میگذشت، راهزنِ دین و دل
Дар паии он ошно , аз ҳама бегона шуд
در پِیِ آن آشنا، از همه بیگانه شد
Оташи рухсори гул , хирман булбул бсухт
آتشِ رخسارِ گُل، خرمنِ بلبل بسوخت
Чеҳраи хандони шамъ , офат парвона шуд
چهرهٔ خندانِ شمع، آفتِ پروانه شد
Гиряи шому саҳар , шукр ки зойеъ нагашт
گریهٔ شام و سحر، شُکر که ضایع نگشت
Қатраи борони мо , гавҳари як дона шуд
قطرهٔ بارانِ ما، گوهرِ یکدانه شد
Наргис соқӣ бихонад , ояти афсун гарӣ
نرگسِ ساقی بِخوانْد، آیتِ افسونگری
Ҳалқаи авроди мо , маҷлис афсона шуд
حلقهٔ اورادِ ما، مجلسِ افسانه شد
Манзили ҳофиз кунун , боргаҳи подшост
منزلِ حافظ کنون، بارگهِ پادشاست
Дил бар дил дор рафт , ҷон бар ҷонона шуд
دل بَرِ دلدار رفت، جان بَرِ جانانه شد