Дӯш аз ҷаноби осиф , пайк бишорат омад
دوش از جنابِ آصف، پیکِ بشارت آمد
Каз ҳазрати сулаймон , ъушрат ишорат омад
کز حضرتِ سلیمان، عشرت اشارت آمد
Хоки вуҷӯди моро , аз оби дида гул кун
خاکِ وجود ما را، از آبِ دیده گِل کن
Виронсрои дилро , гоҳ иморат омад
ویرانسرایِ دل را، گاهِ عمارت آمد
Ин шарҳ бениҳоят , каз зулф ёр гуфтанд
این شرحِ بینهایت، کز زلفِ یار گفتند
ҲрФист аз ҳазорон , ки андар иборат омад
حرفیست از هزاران، کاَندر عبارت آمد
Айбам бапуш зинҳор , эй хирқа ме олуд
عیبم بپوش زنهار، ای خرقهٔ مِیآلود
Кони поки покдоман , баҳр зиёрат омад
کآن پاکِ پاکدامن، بهرِ زیارت آمد
Имрӯзи ҷой ҳар кас , пайдо шавад зи хубон
امروز جایِ هر کس، پیدا شود ز خوبان
ки он моҳи маҷлиси афрӯз , андар садорат омад
کآن ماهِ مجلسافروز، اندر صدارت آمد
Бар тахти ҷам ки тоҷаш , миъроҷ осмон аст
بر تختِ جم که تاجش، معراجِ آسمان است
Ҳиммати нигар ки мӯрӣ , бо он ҳақорат омад
همّت نگر که موری، با آن حقارت آمد
Аз чашми шӯхаш эй дил , имони худ нигаҳи дор
از چشمِ شوخش ای دل! ایمانِ خود نگه دار
ки он ҷодӯии кмонкш , бар азм ғорат омад
کآن جادویِ کمانکش، بر عزمِ غارت آمد
Олӯдае ту ҳофиз , файзии зи шоҳи дрхўоаҳ
آلودهای تو حافظ، فیضی ز شاه درخواه
ки он унсури самоҳат , баҳр таҳорат омад
کآن عنصرِ سَماحت، بهرِ طهارت آمد
Дарёст маҷлис ӯ , дарёб вақт ва дар ёб
دریاست مجلسِ او، دَریاب وقت و دُر یاب
Ҳон эй зиёни расида , вақт тиҷорат омад
هان ای زیانرسیده وقتِ تجارت آمد