Саҳарами давлати бедор ба болин омад
سَحَرم دولتِ بیدار به بالین آمد
Гуфт бархез ки он хусрав ширин омад
گفت برخیز که آن خسرو شیرین آمد
Қадаҳии даракашу сархуш ба тамошои бхром
قدحی درکش و سرخوش به تماشا بخرام
То бибинӣ кинигорат ба чаҳ ойин омад
تا ببینی که نگارت به چه آیین آمد
Муждагонӣ бидиҳ эй хилватии нофаи гушой
مژدگانی بده ای خلوتیِ نافهگشای
Ки зи саҳрои хутани оҳӯӣ мишкӣн омад
که ز صحرایِ خُتَن آهویِ مُشکین آمد
Гиряи обӣ ба рухи сӯхтагони бозоўрд
گریه آبی به رخِ سوختگان بازآورد
Нолаи фарёдраси ошиқ мискин омад
ناله فریادرَسِ عاشقِ مسکین آمد
Мурғи дили бози ҳаводори камони абрўиист
مرغِ دل باز هوادارِ کمانابروییست
эй кабӯтар нигарон бош ки шоҳин омад
ای کبوتر نگران باش که شاهین آمد
Соқио мебидиҳ ва ғам махӯр аз душману дӯст
ساقیا می بده و غم مخور از دشمن و دوست
Ки ба коми дили мо он бишуд ва ин омад
که به کامِ دلِ ما آن بشد و این آمد
Расми бадаҳдии айём чу дид абри баҳор
رسمِ بدعهدیِ ایّام چو دید ابرِ بهار
Гиряаш бар саману сунбул ва насрин омад
گریهاش بر سمن و سنبل و نسرین آمد
Чун сабо гуфта ҳофиз бишунид аз булбул
چون صبا گفتهٔ حافظ بشنید از بلبل
ЪнброФшон ба тамошоӣ раёҳин омад
عَنبرافشان به تماشایِ ریاحین آمد