Маро ба риндӣу ишқ , он фузул айб кунад

مَرا به رِنْدی و عِشْق، آن فُضول، عِیْب کُنَد

Ки эътироз бар асрори илм ғайб кунад

کِه اِعْتِراض بَر اَسْرارِ عِلْمِ غِیْب کُنَد

Камоли сар муҳаббат бибин , на нақси гуноҳ

کَمالِ سِرِّ مُحَبَّت بِبین، نَه نَقْصِ گُناه

Ки ҳар ки беҳунар уфтад , назар ба айб кунад

کِه هَرکِه بی‌هُنَر اُفْتَد، نَظَر به عِیْب کُنَد

зи атри ҳури биҳишти он нафас барояд буи

زِ عِطْرِ حورِ بِهِشْت، آن نَفَس بَرآیَد بوی

Ки хоки майкадаи мо абир ҷайб кунад

که خاکِ مِیْکَدِهٔ ما، عَبیرِ جِیب کُنَد

Чунон занад раҳи исломи ғамзаи соқӣ

چُنان زَنَد رَهِ اِسْلام، غَمْزِهٔ ساقی

Ки иҷтиноби зи саҳбо , магар сҳиб кунад

کِه اِجْتِناب زِ صَهْبا، مَگَر صُهِیْب کُنَد

Калиди ганҷи саодати қабули аҳл дил аст

کِلیدِ گَنْجِ سَعادَت، قَبولِ اَهْلِ دِل اَسْت

Мабод он ки дар ин нуктаи шак ва риб кунад

مَباد آن‌که در این نکته، شَکّ و رِیْب کُنَد!

Шубони водии эмин гуҳӣ расад ба мурод

شُبانِ وادیِ اَیْمَن، گَهی رَسَد بِه مُراد

Ки чанд сол ба ҷон , хизмат Шуайб кунад

کِه چَنْد سال، به جان، خِدْمَتِ شُعِیْب کُنَد

зи дидаи хӯни бчконди фасонаи ҳофиз

زِ دیدِه، خون بِچِکانَد فَسانِهٔ «حافِظ»

Чу ёди вақти замони шабоб ва шеб кунад

چو یادِ وَقْتِ زَمانِ شَباب و شِیْب کُنَد

Хониш
ғзл шморҳ 188 — фрӣдвн фрҳ ондвз
ғзл шморҳ 188 — сҳӣл қосмӣ
ғзл шморҳ 188 — мҳсн лӣлҳ квҳӣ
ғзл шморҳ 188 — фотмҳ зндӣ
ғзл шморҳ 188 — фрӣбо ълвмӣ ӣздӣ
ғзл шморҳ 188 — зҳро бҳмнӣ
ғзл шморҳ 188 — мрӣм фқӣҳӣ кӣо
ғзл шморҳ 188 — оҳсон ҳлоҷ
ғзл шморҳ 188 — мҳмдрзококоъӣ
ғзл шморҳ 188 — шопрк шӣрозӣ
ғзл шморҳ 188 — нознӣн бозӣон