Дар азал ҳар кӯ ба файзи давлати арзонӣ буд
در ازل هر کو به فیضِ دولت ارزانی بُوَد
То абади ҷоми муродаши ҳамдами ҷонӣ буд
تا ابد جامِ مرادش همدمِ جانی بُوَد
Ман ҳамон соъат ки аз мехостам шуд тавбаи кор
من همان ساعت که از مِی خواستم شد توبه کار
Гуфтам ин шох ар диҳад борӣ , пушаймонӣ буд
گفتم این شاخ ار دهد باری، پشیمانی بُوَد
Худ гирифтам коФкнми саҷҷода чун сӯсан ба дӯш
خود گرفتم کَافکَنَم سجاده چون سوسن به دوش
Ҳамчуи гул бар хирқаи ранг май мусулмонӣ буд
همچو گُل بر خِرقه رنگِ مِی مسلمانی بُوَد
Бе чароғи ҷом дар хилват намеёрам нишаст
بی چراغِ جام در خلوت نمییارم نشست
Зон ки кунҷи аҳли дил бояд ки нӯронӣ буд
زان که کُنجِ اهلِ دل باید که نورانی بُوَد
Ҳиммати олии талаби ҷоми мурассаъ гӯ мабош
همتِ عالی طلب جامِ مُرَصَّع گو مباش
Риндро оби ънби ёқӯти румонӣ буд
رند را آبِ عِنَب یاقوتِ رُمّانی بُوَد
Гарчи бе сомони намояди кори мо , саҳлаши мубин
گرچه بیسامان نماید کارِ ما، سهلش مبین
Кандар ин кишвари гадоӣ , рашки султонӣ буд
کاندر این کشور گدایی، رَشکِ سلطانی بُوَد
Неки номии хоҳӣ эй дил бо бидон суҳбати мадор
نیک نامی خواهی ای دل با بَدان صحبت مدار
Худписандии ҷони ман бурҳони нодонӣ буд
خودپسندی جانِ من بُرهانِ نادانی بُوَد
Маҷлиси инсу баҳору баҳси шеъри андари миён
مجلسِ اُنس و بهار و بحثِ شعر اندر میان
Нстдни ҷом май аз ҷонони гарони ҷонӣ буд
نَستَدَن جامِ مِی از جانان گران جانی بُوَد
Дай азизӣ гуфт ҳофиз мехӯрд пинҳони шароб
دی عزیزی گفت حافظ میخورد پنهان شراب
эй азизи ман ! на айби он ба ки пинҳонӣ буд ?
ای عزیزِ من! نه عیب آن بِه که پنهانی بود؟