Ҳаргизами нақши ту аз лавҳи дил ва ҷон наравад
هرگزم نقشِ تو از لوحِ دل و جان نَرَوَد
Ҳаргиз аз ёди ман он сарв хиромон наравад
هرگز از یادِ من آن سروِ خرامان نَرَوَد
Аз димоғи ман саргаштаи хаёли даҳанат
از دِماغِ مَنِ سرگشته خیالِ دَهَنَت
Ба ҷафои фалаку ғусса даврон наравад
به جفایِ فلک و غُصهٔ دوران نرود
Дар азали басти дилам бо сари зулфати пайванд
در ازل بست دلم با سرِ زلفت پیوند
То абад сар накушуд , вази сар паймон наравад
تا ابد سر نَکشَد، وز سرِ پیمان نرود
Ҳар чаҳ ҷузи бори ғамат бар дили мискин ман аст
هر چه جز بارِ غمت بر دلِ مسکینِ من است
Баравад аз дили ман вази дили ман он наравад
برود از دلِ من وز دلِ من آن نرود
Он чунон меҳри туам дар дилу ҷон ҷой гирифт
آن چُنان مِهر توام در دل و جان جای گرفت
Ки агар сар баравад , аз дил ва аз ҷон наравад
که اگر سر برود، از دل و از جان نرود
Гар равад аз паии хубони дили ман маъзӯр аст
گر رَوَد از پِی خوبان دلِ من معذور است
Дард дорад чаҳ кунад каз пай дармон наравад
درد دارد چه کُنَد کز پِی درمان نرود
Ҳар ки хоҳад ки чу ҳофиз нашавад саргардон
هر که خواهد که چو حافظ نشود سرگردان
Дил ба хубони надиҳади вази пай эшон наравад
دل به خوبان ندهد وز پِی ایشان نرود