Бар сари онам кигар з даст барояд
بر سرِ آنم که گر ز دست برآید
Даст ба кории занам ки ғуссаи сроид
دست بهکاری زنم که غصّه سرآید
Хилват дил нест ҷои суҳбати аздод
خلوتِ دل نیست جایِ صحبتِ اَضداد
Дев чу берун равад фириштаи даройад
دیو چو بیرون رود فرشته درآید
Суҳбати ҳуккоми зулмат шаб ялдост
صحبت حُکّام ظلمتِ شبِ یلداست
Нури зи хуршеди ҷӯии бӯ ки барояд
نور ز خورشید جوی بو که برآید
Бар дар арбоб бе муруввати дунё
بر درِ اربابِ بیمروّتِ دنیا
Чанд нишинӣ ки хоҷа кӣ ба даройад
چند نشینی که خواجه کی به درآید
Тарк гадоӣ макун ки ганҷ биёбӣ
تَرکِ گدایی مکن که گنج بیابی
Аз назари раҳравӣ ки дар гузар ояд
از نظرِ رهرُوی که در گذر آید
Солеҳу толҳи матоъ хеш намуданд
صالح و طالِح مَتاعِ خویش نمودند
То ки қабул уфтад ва ки дар назар ояд
تا که قبول افتد و که در نظر آید
Булбули ошиқи ту умри хоҳ ки охир
بلبلِ عاشق تو عمر خواه که آخِر
Боғ шавад сабзу шохи гул ба бар ояд
باغ شود سبز و شاخِ گُل به برآید
Ғифлати ҳофиз дар ин сароча аҷаб нест
غفلتِ حافظ در این سراچه عجب نیست
Ҳар ки ба майхона рафт бехабар ояд
هر که به میخانه رفت بیخبر آید