Нафаси баромаду ком аз ту бар наме ояд
نفس برآمد و کام از تو بر نمیآید
Фиғон ки бахти ман аз хоб дар наме ояд
فغان که بختِ من از خواب در نمیآید
Сабо ба чашми ман андохти хокӣ аз кӯяш
صبا به چشمِ من انداخت خاکی از کویش
Ки оби зиндагӣам дар назар наме ояд
که آبِ زندگیم در نظر نمیآید
Қади баланди туро то ба бар наме гирам
قدِ بلندِ تو را تا به بَر نمیگیرم
Дарахти кому муродам ба бар наме ояд
درختِ کام و مرادم به بَر نمیآید
Магар ба рӯй длорои ёри мо вари не
مگر به رویِ دلارایِ یارِ ما ور نی
Ба ҳеҷ ваҷҳ дигар кор бар наме ояд
به هیچ وجه دگر کار بر نمیآید
Муқӣми зулф ту шуд дил ки хуш саводӣ дид
مقیمِ زلفِ تو شد دل که خوش سَوادی دید
Вази он ғариби балокаш хабар наме ояд
وز آن غریبِ بلاکش خبر نمیآید
зи шасти сидқи кушодами ҳазор тири дуо
ز شَستِ صدق گشادم هزار تیرِ دعا
Вале чаҳ суди яке коргар наме ояд
ولی چه سود یکی کارگر نمیآید
Бисмии ҳикоят дил ҳаст бо насими саҳар
بسم حکایتِ دل هست با نسیمِ سحر
Вале ба бахти ман имшаб саҳар наме ояд
ولی به بختِ من امشب سحر نمیآید
Дар ин хаёл ба сар шуд замони умр ва ҳануз
در این خیال به سر شد زمانِ عمر و هنوز
Балои зулфи сиёҳат ба сар наме ояд
بلایِ زلفِ سیاهت به سر نمیآید
зи бас ки шуд дили ҳофизи рамида аз ҳамаи кас
ز بس که شد دلِ حافظ رمیده از همه کس
Кунун зи ҳалқаи зулфат ба дар наме ояд
کنون ز حلقهٔ زلفت به در نمیآید