Расед мужда ки омад баҳор ва сабза дамид
رسید مژده که آمد بهار و سبزه دمید
Вазифа гар бирасад , масрафаш гуласт ва набед
وظیفه گر برسد، مصرفش گُل است و نَبید
Сафири мурғи баромад , бт шароб куҷост ?
صَفیرِ مرغ برآمد، بَطِ شراب کجاست؟
Фиғон фитод ба булбул , ниқоби гул ки кашид ?
فَغان فتاد به بلبل، نقابِ گُل که کشید؟
зи миваҳои биҳиштӣ чаҳ завқ дарёбад
ز میوههای بهشتی چه ذوق دریابد
Ҳар он ки себи занхдон шоҳидӣ нагузид
هر آن که سیبِ زَنَخدانِ شاهدی نَگَزید
Макун зи ғуссаи шикоят ки дар тариқи талаб
مَکُن ز غُصّه شکایت که در طریقِ طلب
Ба роҳатӣ нарасед он ки заҳматӣ накашид
به راحتی نرسید آن که زحمتی نکشید
з рӯй соқии ма вааш гулӣ бичин имрӯз
ز رویِ ساقی مَهوَش گلی بچین امروز
Ки гирди оризи бустони хат бунафша дамид
که گِردِ عارضِ بُستان خطِ بنفشه دمید
Чунон киришмаи соқии дилами зи дасти бабрад
چُنان کرشمهٔ ساقی دلم ز دست بِبُرد
Ки бо касе дигарам нест барг гуфт ва шунид
که با کسی دِگَرَم نیست برگِ گفت و شَنید
Ман ин мураққаъи рангин чу гул , бихоҳам сӯхт
من این مُرَقَّعِ رنگین چو گُل، بخواهم سوخت
Ки пери бодаи фурушаш ба ҷуръа Эй нахарид
که پیرِ بادهفروشش به جُرعهای نخرید
Баҳор мегузарад додгстро дарёб
بهار میگذرد دادگسترا دریاب
Ки рафт мавсиму ҳофиз ҳануз ме начишед
که رفت موسم و حافظ هنوز مِی نچشید